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Home बिहार बांका आज नौकरी खोजने का नहीं, नौकरी देने का दौर, बांका के युवाओं को मिला स्टार्टअप का मंत्र

आज नौकरी खोजने का नहीं, नौकरी देने का दौर, बांका के युवाओं को मिला स्टार्टअप का मंत्र

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आज नौकरी खोजने का नहीं, नौकरी देने का दौर, बांका के युवाओं को मिला स्टार्टअप का मंत्र
स्टार्टअप जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि व प्रशिक्षणार्थी.

बांका से विभांशु की रिपोर्ट

Banka ITI Startup Program: रुक्मिणी देवी हनुमान दास राजगढ़िया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बांका में सोमवार को स्टार्टअप इकोसिस्टम अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों के बीच उद्यमिता, नवाचार और नवउद्यम संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.

विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रदीप कुमार, परियोजना प्रबंधक राज कुमार तथा राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्रभारी संकाय सदस्य सुधांशु शेखर शामिल हुए. उन्होंने विद्यार्थियों को बिहार नवउद्यम नीति, उद्यमिता के अवसरों, सरकारी सहायता योजनाओं और स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

सफल स्टार्टअप युवाओं ने सुनायी अपनी कहानी

कार्यशाला के दौरान राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय बांका के स्टार्टअप कार्यक्रम में चयनित छात्र सागर और ऋतिक ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने स्टार्टअप शुरू करने के दौरान आई चुनौतियों, संघर्ष और सफलता की कहानी बताते हुए विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया.

विशेषज्ञों ने बताये सफलता के रास्ते

संस्थान के उप प्राचार्य सुमित कुमार ने कहा कि वर्तमान समय केवल नौकरी तलाशने का नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने का युग है. उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने तकनीकी कौशल को रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जोड़ें तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं.

बड़े सपने देखने का दिया संदेश

उप प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हर सफल स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटे विचार से होती है. इसलिए युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि नवाचार और उद्यमिता ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही है.

स्वरोजगार के प्रति बढ़ी जागरूकता

कार्यक्रम में समूह अनुदेशक ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इससे युवाओं को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है.

स्टार्टअप पंजीकरण और योजनाओं की दी जानकारी

अनुदेशक विकास कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को स्टार्टअप पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ लेकर युवा अपने व्यवसायिक सपनों को साकार कर सकते हैं.

बड़ी संख्या में मौजूद रहे प्रशिक्षु और शिक्षक

कार्यक्रम में ग्रुप अनुदेशक धनंजय कुमार, गोपाल श्रीवास्तव, शहजाद अख्तर सहित संस्थान के अन्य शिक्षक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे. सभी ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया.

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