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वज्रपात की चपेट में आने से भैंस की मौत

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वज्रपात की चपेट में आने से भैंस की मौत

पिपराही में बाल-बाल बचे लोग, बड़ा हादसा टला प्रतिनिधि, औरंगाबाद/रफीगंज. जिले में वज्रपात का कहर लगातार जारी है. एक ओर जहां पिछले दिनों वज्रपात से कई लोगों और पशुओं की जान जा चुकी है, तो वहीं रफीगंज प्रखंड के पिपराही गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक भैंस की मौत हो गयी. हालांकि, संयोग अच्छा रहा कि इस दौरान आसपास मौजूद लोग सुरक्षित बच गये, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था. जानकारी के अनुसार, पिपराही गांव निवासी पशुपालक उमेश यादव की भैंस गांव की पूर्व दिशा स्थित बधार में चर रही थी. इसी दौरान हल्की बारिश शुरू हुई और अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ. देखते ही देखते भैंस बिजली की चपेट में आ गयी. मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. इस घटना के समय खेत में अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे, लेकिन वे बाल-बाल बच गये. वज्रपात की तेज आवाज और भयावह दृश्य से आसपास के लोग सहम गये. इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गये. पशुपालक उमेश यादव का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. उन्होंने बताया कि भैंस ही परिवार की आय का मुख्य साधन थी. उसकी मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है और अचानक वज्रपात की घटनाएं बढ़ गयी हैं. लोगों ने प्रशासन से गांवों में जागरूकता अभियान चलाने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों को समय पर लोगों तक पहुंचाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है. बता दें कि शुक्रवार को नवीनगर क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से 25 पालतू पशुओं की मौत हो गयी थी. उससे एक दिन पहले गुरुवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की जान चली गयी थी. लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है. वैसे भी प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और खेतों में जाने से बचने की अपील की है.

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