[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार औरंगाबाद निजी विद्यालयों को पीछे छोड़ रहा औरंगाबाद का सरकारी स्कूल, चेतना सत्र बना आकर्षण का केंद्र

निजी विद्यालयों को पीछे छोड़ रहा औरंगाबाद का सरकारी स्कूल, चेतना सत्र बना आकर्षण का केंद्र

0
निजी विद्यालयों को पीछे छोड़ रहा औरंगाबाद का सरकारी स्कूल, चेतना सत्र बना आकर्षण का केंद्र
चेतना सत्र के लिए खड़े बच्चों की तस्वीर

Aurangabad News: (औरंगाबाद से सुजीत कमार सिंह) बदलते बिहार और सरकारी शिक्षा व्यवस्था की नई तस्वीर देखनी हो तो शहर के पीएम श्री अनुग्रह मध्य विद्यालय का रुख करना होगा. कभी सामान्य सरकारी विद्यालयों की श्रेणी में गिना जाने वाला यह स्कूल आज अपने अनुशासन, नवाचार, संस्कारयुक्त शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धति के कारण निजी विद्यालयों को भी पीछे छोड़ता नजर आ रहा है. विद्यालय में प्रवेश करते ही बच्चों के सामूहिक “गुड मॉर्निंग” और “नमस्ते” की मधुर आवाज हर किसी का ध्यान आकर्षित करती है.

बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जाता है जोर

बड़ी बात यह है कि इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक उदय कुमार सिंह हैं जो राजकीय शिक्षक का पुरस्कार प्राप्त कर चुके है. प्रधानाध्यापक उदय के नेतृत्व में यह विद्यालय लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है. विद्यालय की गतिविधियां केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है. यही कारण है कि यह विद्यालय जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

चेतना सत्र बना आकर्षण का केंद्र

सुबह विद्यालय का चेतना सत्र बेहद खास और प्रेरणादायक रहा. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि पूरे कार्यक्रम का संचालन बच्चों ने स्वयं किया. छोटे-छोटे बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ मंच संभाला और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई, जिसके बाद स्टोरी टेलिंग, “आज का विचार”, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी तथा प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया गया. बच्चों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं. प्रधानाध्यापक उदय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में बच्चों को अनुशासन, समय प्रबंधन, स्वच्छता और सकारात्मक सोच का महत्व बताया उनके संबोधन को बच्चे काफी ध्यानपूर्वक सुनते नजर आए. विद्यालय परिवार का मानना है कि नियमित प्रेरणादायक संवाद बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाता है.

राष्ट्रगान की धुन ने मोह लिया मन

चेतना सत्र का सबसे भावुक और आकर्षक पल तब आया जब नन्हे बच्चों ने केशियो कीबोर्ड, नाल और ढोलक की मदद से राष्ट्रगान और “सारे जहां से अच्छा” की मधुर धुन प्रस्तुत की बच्चों की एकाग्रता और संगीत के प्रति लगाव ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.विद्यालय में कला, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है. शिक्षकों का कहना है कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी रचनात्मक क्षमता विकसित होती है.

शिक्षा में नवाचार से बदल रही तस्वीर

प्रधानाध्यापक उदय कुमार सिंह ने बताया कि बिहार सरकार की शिक्षा के प्रति सक्रियता से शिक्षकों का मनोबल काफी बढ़ा है. विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों और विभिन्न शैक्षणिक उपकरणों से सशक्त बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण, गतिविधि आधारित पढ़ाई और बच्चों की रुचि के अनुरूप शिक्षण पद्धति अपनाई जा रही है. इसी का परिणाम है कि अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. विद्यालय में बच्चों को केवल परीक्षा तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है.

1936 में हुई थी विद्यालय की स्थापना

पीएम श्री अनुग्रह मध्य विद्यालय का इतिहास भी काफी गौरवशाली रहा है. विद्यालय की स्थापना वर्ष 1936 में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद महेश नारायण सिंह ने की थी.उस दौर में ग्रामीण और सामान्य परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विद्यालय की नींव रखी गई थी.समय के साथ यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाता चला गया.आज भी विद्यालय अपने गौरवशाली इतिहास और शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ा रहा है.

देश-दुनिया में नाम रोशन कर चुके हैं छात्र

इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. विभिन्न क्षेत्रों में यहां के पूर्ववर्ती छात्र बड़े पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं.
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यहां से पढ़े कई छात्र विश्व की नामी कंपनियों में उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं. यही वजह है कि इस विद्यालय को जिले के प्रेरणादायक सरकारी विद्यालयों में गिना जाता है.

सरकारी विद्यालय पेश कर रहे मिसाल

शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण ने पीएम श्री अनुग्रह मध्य विद्यालय को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है. यह विद्यालय साबित कर रहा है कि मजबूत नेतृत्व, समर्पित शिक्षक और सकारात्मक सोच हो तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं.

Previous article रामगढ़: उपायुक्त की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित, समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश
Next article सुबह-सुबह काम पर निकले हलवाई को उड़ाया, हुई मौत, परिवार में मातम
Avatar Of Sakshi Kumari
साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel