औरंगाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मुहर्रम की नवमी का जुलूस

Aurangabad Muharram News: औरंगाबाद में मुहर्रम की नवमी का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. रात 12:30 बजे तक सभी अखाड़े अपने-अपने इमामबाड़ों में लौट गए. पुलिस और शांति समिति पूरी रात मुस्तैद रही.

By Vivek Pandey | June 26, 2026 10:42 AM

Aurangabad Muharram News: (सुजीत कुमार सिंह) मुहर्रम की नवमी पर गुरुवार देर रात से शुक्रवार की मध्यरात्रि तक औरंगाबाद शहर में निकले विभिन्न अखाड़ों के जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आपसी सौहार्द के माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुए. रात करीब 12:30 बजे तक सभी अखाड़े अपने-अपने इमामबाड़ों में सकुशल लौट गए, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली.

संवेदनशील इलाकों और मंदिरों पर रही विशेष निगरानी

जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा. संवेदनशील स्थानों के अलावा विभिन्न मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त भी की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका न रहे.

औरंगाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मुहर्रम की नवमी का जुलूस 2

देर रात तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे थानाध्यक्ष

नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा स्वयं देर रात तक शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे. उनके साथ नगर अंचल पुलिस इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान, सब इंस्पेक्टर समीर कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव, गोपाल कुमार, प्रदीप कुमार, संजीत कुमार, अनित कुमार, मोहम्मद अख्तर, परमानंद राय, परवीन कुमार सिंह और चंदन दास सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान तैनात रहे.

शांति समिति और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने निभाई अहम भूमिका

जुलूस की निगरानी में जिला शांति समिति के सदस्य एवं पैगाम-ए-इंसानियत मुस्लिम समुदाय के अध्यक्ष शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान भी लगातार सक्रिय रहे. उनके साथ वार्ड पार्षद सिकंदर हयात, अब्दुल्ला राजा, राजा खान, औरंगजेब खान, अलीनगर के उस्ताद साबिर खान, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रईस आजम खान, जियाउद्दीन खान, महताब खान सहित मुस्लिम समुदाय के कई गणमान्य लोग पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जुलूस की निगरानी करते रहे.

आपसी सौहार्द से संपन्न हुआ आयोजन

शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाले सभी जुलूसों पर प्रशासन और जिला शांति समिति की संयुक्त निगरानी रही. सभी समुदायों के सहयोग, आपसी भाईचारे और प्रशासन की सतर्कता के कारण मुहर्रम की नवमी का जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. देर रात सभी अखाड़े सुरक्षित अपने-अपने इमामबाड़ों में लौट गए.

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