Aurangabad-Amba Expressway: एक्सप्रेस-वे निर्माण आसपास के गांवों के लोगों के लिए विकास से अधिक परेशानी का कारण बनता जा रहा है. निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों द्वारा मिट्टी ढुलाई के दौरान ग्रामीण सड़कों पर बड़ी मात्रा में मिट्टी गिरा दी गई है, लेकिन उसकी सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई. नतीजतन, बारिश शुरू होते ही कई ग्रामीण सड़कें कीचड़ और फिसलन से पट गई हैं.
Aurangabad-Amba Expressway: क्या है पूरा मामला
एक्सप्रे-वे निर्माण के कारण सड़कों के हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. दोपहिया वाहन चालक रोजाना दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों का परिचालन भी जोखिम भरा हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. बालूगंज के समीप बी मोड़ से वन मंझौली जाने वाली सड़क की स्थिति काफी खराब हो गई है. सड़क पर कई स्थानों पर मिट्टी की मोटी परत जम गई है, जो बारिश के बाद दलदल में तब्दील हो चुकी है.
Aurangabad News: आवेदन देकर कर रहे तत्काल कार्रवाई की मांग
इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को हर दिन दुर्घटना का डर सताता है. ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में कई बाइक सवार फिसलकर घायल हो चुके हैं. बावजूद इसके न तो निर्माण एजेंसी और न ही प्रशासन की ओर से सड़क की सफाई या मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल की गई है. समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
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आश्वासन के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
आवेदन में कहा गया है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान मिट्टी ढुलाई करने वाले वाहनों द्वारा सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी गिराई गई है. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य से जुड़े कन्हैया सिंह, प्रभात कुमार एवं सरदार का नाम लेते हुए बताया है कि पहले सड़क की सफाई कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित लोगों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी बेनतीजा साबित हो रहा है.
Aurangabad Road News: सड़क की बदहाली से बढ़ी परेशानी
ग्रामीण विनय कुमार यादव, प्रिंस कुमार, शैलेंद्र कुमार यादव, पुरुषोत्तम यादव, अजीत यादव, सौरव यादव, राहुल कुमार, योगेंद्र यादव, मुकेश कुमार, अनिल कुमार, सुदर्शन कुमार, सुधीर कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया कि उक्त सड़क से केवल वन मंझौली ही नहीं, बल्कि पक्का बांध, दूरा, घूरंडीह, केवलहा और हिसाखाड़ गांव के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. सड़क की बदहाली के कारण मरीजों व विद्यार्थियों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
स्कूली बच्चों और महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर फैले कीचड़ का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और महिलाओं पर पड़ा है. बच्चों के लिए साइकिल से स्कूल जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है. कई निजी विद्यालयों के वाहन चालकों ने भी गांव तक जाने में असमर्थता जताई है.
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
गौतम बुद्ध विद्यालय का एक वाहन फिसलन के कारण सड़क किनारे खाई में जाने से बाल-बाल बच गया. यदि थोड़ी सी भी चूक होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और भय दोनों का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल वन मंझौली मार्ग तक सीमित नहीं है.
ग्रामीणों की निर्माण एजेंसी से मांग
एक्सप्रेसवे निर्माण क्षेत्र से सटे अधिकांश ग्रामीण मार्गों की हालत खराब हो चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि यदि निर्माण एजेंसी को तत्काल सड़क की सफाई और मरम्मत कराने का निर्देश नहीं दिया गया, तो बरसात के दिनों में बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को राहत दिलाने की मांग की है.
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