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Home बिहार आरा भोजपुर के शहीद दानिश आलम के घर पहुंचे प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, परिजनों को सौंपा 21 लाख का चेक

भोजपुर के शहीद दानिश आलम के घर पहुंचे प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, परिजनों को सौंपा 21 लाख का चेक

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भोजपुर के शहीद दानिश आलम के घर पहुंचे प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, परिजनों को सौंपा 21 लाख का चेक
शहीद दानिश आलम के परिजनों को चेक सौंपते प्रभारी मंत्री

Shaheed Danish Alam : कोईलवर प्रखंड के कायमनगर निवासी वायु अग्निवीर शहीद दानिश आलम के परिजनों को जिला प्रशासन की ओर से 21 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि प्रदान की गई. गुरुवार को बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री सह भोजपुर प्रभारी मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, जिलाधिकारी तनय सुलतानिया एवं पुलिस अधीक्षक श्री राज शहीद के पैतृक आवास पहुंचे और उनके माता-पिता को 21 लाख रुपये का चेक सौंपा.

परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस

इस दौरान प्रभारी मंत्री ने शहीद के माता-पिता एवं अन्य परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. उन्होंने दुख की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. मंत्री ने कहा कि शहीद दानिश आलम ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. उनका त्याग और समर्पण सदैव याद रखा जाएगा.

शहीदों के सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन न्योछावर करने वाले वीर जवानों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता.

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है दानिश का बलिदान

जिलाधिकारी तनय सुलतानिया ने कहा कि दानिश आलम का बलिदान राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और समर्पण का प्रतीक है. उनका जीवन और बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा. वहीं पुलिस अधीक्षक श्री राज ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

भावुक हुआ माहौल, लोगों ने दी श्रद्धांजलि

जब प्रभारी मंत्री ने शहीद की मां को अनुग्रह अनुदान का चेक सौंपा तो माहौल भावुक हो गया. उपस्थित लोगों ने शहीद दानिश आलम को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया. कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.

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मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.
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