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Home बिहार आरा खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, डूबते सूर्य को अर्घ आज

खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, डूबते सूर्य को अर्घ आज

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खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, डूबते सूर्य को अर्घ आज

आरा.

छह नवंबर बुधवार को छठ व्रतियों ने परंपरागत ढंग से खरना का व्रत संपन्न किया. जिले भर में छठ व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू कर दिया. हालांकि नहाय-खाय के साथ ही छठ महापर्व शुरू हो गया है. वहीं सात नवंबर को डूबते सूर्य और आठ नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. छठव्रतियों ने बांटा खरना का प्रसाद : सुबह से ही छठ व्रतियों द्वारा खरना की तैयारी शुरू कर दी गयी थी. भगवान सूर्य को समर्पित व छठी मैया को समर्पित गीत गाये जा रहे हैं. हर तरफ आध्यात्मिक माहौल दिखाई दे रहा है. शहर से लेकर गांव तक में छठी मइया के कर्णप्रिय और पारंपरिक गीत गूंज रहे हैं. भगवान सूर्य की भक्ति में सभी रमे हुए हैं. गंगा नदी, सोन नदी सहित अन्य नदियों, तालाबों तथा सरोवरों के पास पहुंचकर छठ व्रतियों ने स्नान किया तथा मिट्टी के बने चूल्हे में आम की लकड़ी जलाकर गुड़, दूध और चावल की खीर तथा रोटी बनाकर भगवान भास्कर की पूजा की और खरना किया. घरों की सफाई के बाद छठ व्रतियों ने सूर्यदेव व छठी मइया को चावल, गुड़ व दूध की खीर, रोटी, फल आदि का भोग लगाया. यही भोग प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के बाद छठ व्रतियों का 36 घंटे का अखंड निर्जला उपवास आरंभ हो गया. मिट्टी के चूल्हे पर खरना का प्रसाद छठ व्रतियों ने बनाया. गुड़, दूध एवं अरवा चावल से खीर तैयार किया गया. पूजा के बाद व्रतियों ने अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया. स्वजन के अलावा आसपास के लोगों ने भी व्रतियों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. व्रतियों ने पवित्र आम की लकड़ियों, नये अन्न, गुड़, चावल का खीर, गेहूं की रोटी का प्रसाद बनाया तथा पूजन कर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया. प्रसाद लेने वालों का तांता देर रात तक व्रतियों के यहां लगा रहा. घर से लेकर बाजार तक लोक आस्था के महापर्व को लेकर चहल पहल बढ़ गयी है.पूरा जिला छठ के रंग में रंग गया है. भगवान सूर्य को प्रसाद के लिए ठेकुआ आदि किया गया तैयार : छठ को लेकर भगवान सूर्य को प्रसाद चढ़ाने के लिए घर में सभी सदस्य मिलजुल कर साफ-सफाई से शुद्ध देसी घी में ठेकुआ बनाया. ठेकुआ, चावल के आटा और घी से बने लड्डू, पांच प्रकार के फल व दीए के साथ पूजा का सूप सजाया जायेगा. रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाने लगे हैं छठ घाट : शहर का कलेक्ट्री छठ घाट ,चंदवा सूर्य मंदिर छठ घाट, न्यू पुलिस लाइन छठ घाट, गांगी छठ घाट ,सोन नहर छठ घाट, गोढ़ना रोड सूर्य मंदिर छठ घाट, अनाईठ छठ घाट सहित लगभग सभी छठ घाटों पर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी हैं. छठ घाट रोशनी से जगमगा रहे हैं . इतना ही नहीं छठ घाटों पर जाने वाले रास्ते पर भी प्रकाश की उचित व्यवस्था की गयी है. स्थानीय लोगों एवं छठ समितियों द्वारा छठ व्रतियों की सुविधा के लिए प्रकाश की व्यवस्था की गयी है. छठ घाटों एवं घाटों पर जाने वाले रास्तों पर रंग बिरंगी लाइट की छटा देखते ही बन रही है. घाटों पर तैयार हो गया है चेंजिंग रूम : कलेक्ट्री छठ घाट, चंदवा सूर्य मंदिर छठ घाट एवं न्यू पुलिस लाइन स्थित घाट पर छठ व्रतियों के लिए कपड़ा बदलने के कमरे की व्यवस्था की गयी है. घाटों पर की गयी है बैरिकेडिंग : प्रशासन द्वारा पानीवाले चिह्नित घाटों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि छठ व्रतियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.

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