जिले में राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ
जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को करें प्रेरित
एक जून से 30 जून तक पूरे जिले में संचालित होगा विशेष जागरूकता अभियान
किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक के उपयोग सहित उपयोगी कृषि पद्धतियों के प्रति किया जागरूक
अररिया. कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार सोमवार से जिले के सभी प्रखंडों में राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ किया गया. इस अभियान का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, टिकाऊ, लाभकारी कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना है. अभियान के तहत प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों द्वारा पंचायत स्तर पर किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित व वैज्ञानिक उपयोग के लाभ, उनके अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है. कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिले के कई गांवों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में उपस्थित स्थानीय कृषकों को संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक व प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण व पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया गया.
कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक आत्मा गौरव प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान आम किसानों स्व किया. उन्होंने बताया कि खेत बचाओ अभियान जिले की सभी पंचायतों में 01 जून से 30 जून 2026 तक संचालित किया जायेगा. इस दौरान अधिकाधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों व कृषि हितधारकों की इसमें भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा. अभियान के माध्यम से किसानों को आधुनिक व टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय में वृद्धि, कृषि को अधिक लाभकारी व पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किये जाने की जानकारी उन्होंने दी. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं व अपने खेतों की उत्पादकता, मिट्टी की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने के लिए आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का अधिक से अधिक लाभ उठायें.
