फारबिसगंज व नेपाल के शिवभक्तों ने की देवघर के लिए सीधी ट्रेन की मांग
Shravani Mela Special Train Demand: फारबिसगंज, जोगबनी और पूर्वी नेपाल के हजारों कांवरियों को सावन-भादो के महीने में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए देवघर जाने में सीधी रेल सेवा न होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसे देखते हुए भाजपा नेता व समाजसेवी आदर्श गोयल ने अररिया सांसद प्रदीप सिंह और रेल प्रशासन से जोगबनी-फारबिसगंज से देवघर के लिए श्रावणी स्पेशल ट्रेन चलाने की पुरजोर मांग की है.
मुख्य बातें:
अररिया के फारबिसगंज से बिपुल विश्वास की रिपोर्ट
Shravani Mela Special Train Demand: फारबिसगंज, जोगबनी सहित पूर्वी नेपाल के इलाकों से हर साल हजारों की संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल उठाकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) में जलाभिषेक करने जाते हैं. परंतु, इस पूरे क्षेत्र से देवघर और सुल्तानगंज के लिए कोई भी सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को बेहद कष्टप्रद सड़क मार्ग या अन्य स्टेशनों से ट्रेन बदलने की मजबूरी झेलनी पड़ती है. इस गंभीर जन-समस्या को देखते हुए क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी व भाजपा नेता आदर्श गोयल ने रेल प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस रूट पर विशेष ट्रेन परिचालन की मांग उठाई है.
सरायगढ़-देवघर स्पेशल को फारबिसगंज तक विस्तारित करने की मांग
- ट्रेन विस्तार का प्रस्ताव: भाजपा नेता आदर्श गोयल ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वर्तमान में सरायगढ़ से देवघर के बीच प्रस्तावित श्रावणी स्पेशल ट्रेन को आगे बढ़ाते हुए राघोपुर-ललितग्राम-नरपतगंज के रास्ते फारबिसगंज स्टेशन तक विस्तारित (Extend) किया जाए.
- सांसद प्रदीप सिंह से पहल की अपील: उन्होंने इस संदर्भ में अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह से भी मुलाकात कर विशेष रुचि लेने का अनुरोध किया है, ताकि रेल मंत्रालय स्तर पर दबाव बनाकर नरपतगंज के रास्ते इस महत्वपूर्ण ट्रेन का परिचालन समय रहते शुरू कराया जा सके.
जोगबनी से भागलपुर-बांका होते हुए परमानेंट रूट का सुझाव
समाजसेवी ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए एक वैकल्पिक और बेहद व्यावहारिक रूट का खाका भी रेल प्रबंधन के समक्ष पेश किया है, जिसे नीचे तालिका में समझा जा सकता है:
| प्रस्तावित रूट (Route Structure) | इस मार्ग से जुड़ने वाले मुख्य स्टेशन व तीर्थ स्थल |
| प्रारंभिक स्टेशन | जोगबनी और फारबिसगंज से ट्रेन खुलकर अररिया-पूर्णिया-कटिहार-खगड़िया होते हुए आगे बढ़ेगी. |
| गंगा रेल पुल मार्ग | खगड़िया से आगे मुंगेर गंगा रेल पुल को पार करते हुए जमालपुर के रास्ते सुल्तानगंज पहुंचेगी. |
| अंतिम गंतव्य (Destination) | सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल उठाने के बाद यह ट्रेन भागलपुर और बांका होते हुए सीधे देवघर (जसीडीह) पहुंचेगी. |
Shravani Mela Special Train Demand: सावन-भादो के दो-तीन महीनों के लिए ट्रेन चलाना बेहद जरूरी
धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से सीमांचल के इस हिस्से की उपेक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में भी दबी जुबान से रोष व्याप्त है.
सावन और भादो के पावन महीनों में जब भारतीय रेलवे द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों और बड़े शहरों से देवघर के लिए दर्जनों श्रावणी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं, तो ऐसे में लाखों की आबादी वाले अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े जोगबनी और फारबिसगंज क्षेत्र की उपेक्षा करना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. यदि इस ट्रेन का परिचालन दो से तीन महीनों के लिए भी प्रायोगिक तौर पर शुरू कर दिया जाए, तो इस इलाके के गरीब और मध्यमवर्गीय रेल यात्रियों को कष्टप्रद निजी बसों के महंगे और असुरक्षित सफर से मुक्ति मिल जाएगी और बाबा के दर्शन सुलभ हो सकेंगे.
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी आदर्श गोयल की इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है. लोगों का कहना है कि मुंगेर गंगा रेल पुल चालू होने के बाद से सीमांचल से अंग और संताल परगना की दूरी काफी कम हो चुकी है, ऐसे में केवल प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण शिवभक्तों को हर साल प्रताड़ित होना पड़ता है. अब देखना होगा कि सांसद प्रदीप कुमार सिंह इस जन-आकांक्षा को रेल मंत्रालय के पटल पर कितनी मुस्तैदी से उठाते हैं.
