[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार अररिया फारबिसगंज अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे, विशेष शिविर में गर्भवती महिलाओं की जांच

फारबिसगंज अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे, विशेष शिविर में गर्भवती महिलाओं की जांच

0
फारबिसगंज अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूरे, विशेष शिविर में गर्भवती महिलाओं की जांच
अनुमंडलीय अस्पताल के एएनसी कक्ष में प्रसव पीड़िता का स्वास्थ्य जांच करते महिला चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी
फारबिसगंज (अररिया) से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट

Health Checkup: देश भर में मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ ने अपने सफर का एक दशक पूरा कर लिया है. इस ऐतिहासिक उपलक्ष्य में मंगलवार को अररिया जिले के फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल (Sub-Divisional Hospital) के एएनसी (ANC) कक्ष में एक विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में सुदूर ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में गर्भवती महिलाएं अपनी चिकित्सकीय जांच कराने पहुंचीं. अस्पताल प्रशासन द्वारा महिला रोग विशेषज्ञों की देखरेख में सभी आगंतुक माताओं की गहन पैथोलॉजिकल जांच की गई और उन्हें गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली कड़ी सावधानियों से रूबरू कराया गया.

स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम ने की कड़क जांच; ब्लड प्रेशर से लेकर हीमोग्लोबिन तक की चेकिंग

  • महत्वपूर्ण शारीरिक जांच: शिविर में आई महिलाओं का डिजिटल मशीनों के जरिए ब्लड प्रेशर (रक्तचाप), सटीक वजन (Weight) और शरीर में खून की उपलब्धता (हीमोग्लोबिन स्तर) की कड़ी जांच की गई, ताकि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) के मामलों को समय रहते चिन्हित किया जा सके.
  • विशेषज्ञ परामर्श: स्त्री रोग विशेषज्ञ सह अनुमंडलीय अस्पताल की पूर्व उपाधीक्षक डॉ. रेशमा रजा, डॉ. आफ़िया आफरीन और डॉ. अर्चना प्रसाद ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सही पोषण (Diet), तनाव प्रबंधन (Stress Management), हल्के व्यायाम और नियमित दवा सेवन से संदर्भित कड़े परामर्श दिए.
  • फ्री मेडिकल किट वितरण: चिकित्सकीय परामर्श के तत्काल बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी माताओं को आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम की आवश्यक दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई गईं.

9 जून 2016 को हुई थी शुरुआत; आज पूरे हुए सफलता के 10 वर्ष

अस्पताल प्रशासन की अनूठी पहल: जांच कराने आई महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए फारबिसगंज अस्पताल प्रबंधन ने एक सराहनीय कदम उठाया. भीषण गर्मी को देखते हुए सभी गर्भवती महिलाओं के बीच पौष्टिक नाश्ते के पैकेट और शीतल (ठंडा) पेयजल का वितरण किया गया, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने काफी सराहना की.

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत फारबिसगंज अस्पताल के इस विशेष आयोजन का प्रशासनिक ब्योरा नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

अभियान की शुरुआत की तिथि10 वर्ष पूर्ण होने की तिथिशिविर में लाभान्वित कुल महिलाएंअस्पताल स्तर पर मुख्य प्रशासनिक टीम
09 जून 2016
(स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार)
09 जून 2026
(सफलतापूर्वक 1 दशक पूर्ण)
50 से अधिक गर्भवती माताएं* डॉ. आशुतोष कुमार (उपाधीक्षक)
* प्रवीण कुमार (अस्पताल प्रबंधक)
* राकेश रौशन सिंह (लेखापाल)

अस्पताल प्रबंधक ने रेखांकित किया अभियान का महत्व:

इस ऐतिहासिक विशेष शिविर की सफलता पर आधिकारिक जानकारी देते हुए फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा ठीक 10 वर्ष पहले 09 जून 2016 को इस दूरदर्शी योजना की शुरुआत की गई थी, ताकि देश की हर गर्भवती महिला को प्रसव से पूर्व हर महीने की 9 तारीख को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त जांच की गारंटी मिल सके.

इस दशक वर्षगांठ के मौके पर पूरे कैंप को सफल बनाने में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार, पूर्व उपाधीक्षक डॉ. मुन्ना कुमार, लेखापाल राकेश रौशन सिंह सहित जीएनएम रूबी कुमारी और सुप्रिया कुमारी पूरी मुस्तैदी और कड़े सेवा भाव के साथ डटे रहे. अस्पताल प्रशासन ने संकल्प लिया है कि आने वाले समय में अनुमंडल के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक संस्थागत और सुरक्षित प्रसव की तकनीक को पहुंचाया जाएगा.

अररिया की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

Previous article जमुई में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, संवेदक पर लाखों का जुर्माना
Next article Darbhanga News: तेज हवा से टूटा हाई वोल्टेज तार, करंट लगने से बुजुर्ग की मौत
Avatar Of Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel