सिकटी में पीएम श्री स्कूलों का राज्य स्तरीय फायर ऑडिट और निरीक्षण

PM Shri School: अररिया जिले के सिकटी प्रखंड में संचालित 'पीएम श्री' (PM SHRI) विद्यालयों की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गुणवत्ता को परखने के लिए शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने औचक निरीक्षण किया. पटना बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) के वरीय अंकेक्षक के नेतृत्व में पहुंची टीम ने लैब्स, क्लासरूम और इंफ्रास्ट्रक्चर की कड़ियों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर कई आवश्यक निर्देश दिए.

By Divyanshu Prashant | June 13, 2026 1:57 PM
अररिया के सिकटी से संजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट

PM Shri School: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अपग्रेड किए गए पीएम श्री विद्यालयों को मॉडल शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने की कड़ियां अब तेज हो गई हैं. इसी सिलसिले में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी), पटना के वरीय अंकेक्षक मोहम्मद अशफाक अली के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच टीम सिकटी प्रखंड पहुंची. टीम ने प्रखंड क्षेत्र के दो प्रमुख चयनित पीएम श्री संस्थानों— प्लस टू राजकीयकृत उच्च विद्यालय, बरदाहा और प्लस टू प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, बरदाहा का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने न केवल कागजी फाइलों को खंगाला, बल्कि सीधे क्लासरूम में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया ताकि धरातल पर मिल रही सुविधाओं का वास्तविक इनपुट लिया जा सके.

लैब्स से लेकर किचन गार्डन तक की सघन जांच; इन मुख्य कड़ियों पर रहा फोकस

निरीक्षण के दौरान सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश ठाकुर और एसएसए (SSA) के लेखपाल भरत कुमार की मौजूदगी में निम्नलिखित कड़ियों की बारीकी से समीक्षा की गई:

  • आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: टीम ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित आईसीटी लैब (ICT Lab), आधुनिक पुस्तकालय (Library) और खेल मैदान की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.
  • नवाचार और कौशल विकास: स्कूल में संचालित व्यावसायिक शिक्षा प्रयोगशाला (Vocational Education Lab) और विज्ञान प्रयोगशाला (Science Lab) के उपकरणों की कार्यशीलता को परखा गया.
  • प्राकृतिक शिक्षण व्यवस्था: विद्यालय परिसर में तैयार किए गए बाल वाटिका और पर्यावरण के अनुकूल बनाए गए ‘किचन गार्डन’ (Kitchen Garden) के रखरखाव को भी अधिकारियों ने देखा.

प्रभारी प्रधानाध्यापकों के साथ हुई समीक्षा; छात्रों से सीधा संवाद

गुणवत्ता का मूल्यांकन: “निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पीएम श्री योजना के तहत जारी किए गए बजट का सही संधारण (उपयोग) और छात्रों के लर्निंग आउटकम (सीखने की क्षमता) को जांचना था.”

जांच दल के सामने दोनों विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापक, आदिल सरवर और इशार अहमद ने अपने-अपने संस्थानों में संचालित हो रही शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों का पूरा ब्यौरा पेश किया.

वरीय अंकेक्षक ने क्लासरूम के भीतर जाकर ब्लैकबोर्ड और पढ़ाई के स्तर को देखा और बच्चों से गणित व विज्ञान के कुछ बुनियादी सवाल पूछे. छात्रों द्वारा दिए गए त्वरित और सही उत्तरों पर टीम ने संतोष व्यक्त किया.

इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने का निर्देश; समय-सीमा तय

बीईपीसी के वरीय अंकेक्षक मोहम्मद अशफाक अली ने दोनों स्कूलों के कप्तानों (प्रधानाध्यापकों) को निर्देश दिया कि पीएम श्री योजना के तहत जो भी वित्तीय आवंटन प्राप्त हो रहा है, उसका उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ स्कूल के सौंदर्यीकरण और छात्रों की सुरक्षा कड़ियों को मजबूत करने में करें.

उन्होंने हिदायत दी कि कंप्यूटर लैब्स में इंटरनेट की कनेक्टिविटी निर्बाध रहनी चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी वैश्विक स्तर की डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें. टीम इस भौतिक अंकेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट सीधे शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव और पटना मुख्यालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगामी सत्र के लिए अतिरिक्त संसाधन आवंटित किए जाएंगे.

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