कोटा में जेईई की तैयारी कर रही छात्रा जया श्री की संदिग्ध मौत, अंतिम कॉल में बोली- ‘पापा, मुझे बचा लीजिए’

अररिया जिले के रानीगंज नगर पंचायत निवासी 17 वर्षीय छात्रा जया श्री की राजस्थान के कोटा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जेईई की तैयारी कर रही जया ने मौत से पहले अस्पताल से अपने पिता को फोन कर रोते हुए कहा, "पापा, मुझे बचा लीजिए, मैं मरने वाली हूं. मेरे पूरे शरीर में बहुत दर्द हो रहा है." इसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई.

By AJEET KUMAR | June 28, 2026 7:59 PM
रानीगंज (अररिया) से रविंद्र की रिपोर्ट

Arariya News : अररिया जिले के रानीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या 16 स्थित पंजियार टोला की रहने वाली 17 वर्षीय जया श्री की राजस्थान के कोटा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जया पिछले छह माह से कोटा में रहकर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रही थी. रविवार को उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.

परिजनों ने बताया कि जया ने अररिया से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोटा का रुख किया था. वह वहां एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में रहकर पढ़ाई कर रही थी. पिता योगेश पंजियार के अनुसार शनिवार रात करीब नौ बजे उनकी बेटी से सामान्य बातचीत हुई थी. जया ने बताया था कि वह मेस में खाना खाने जा रही है और उसके बाद मां से बात करेगी.

रात करीब दस बजे तक जब जया का फोन नहीं आया तो परिजनों ने कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया. इससे परिवार की चिंता बढ़ गई. करीब 11 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर सूचना दी कि उनकी बेटी गंभीर हालत में फ्लाईओवर के नीचे मिली है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है.

कोटा जाने की तैयारी कर रहे थे परिजन, मिली मौत की खबर

कुछ देर बाद अस्पताल से जया की अपने पिता से करीब 30 सेकेंड तक बात हुई. पिता के अनुसार जया रो रही थी और उसने कहा, “पापा, मुझे बचा लीजिए. मैं मरने वाली हूं. मेरे शरीर में बहुत दर्द हो रहा है.” इसके तुरंत बाद अस्पताल कर्मियों ने फोन अपने पास ले लिया. रविवार सुबह जब परिवार कोटा जाने की तैयारी कर रहा था, तभी अस्पताल से जया की मौत की सूचना मिली.

घटना के कारणों का पता नहीं

पिता ने बताया कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जया फ्लाईओवर के नीचे कैसे पहुंची और उसके साथ क्या हुआ. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी. कोटा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है.

जया अपने माता-पिता की बड़ी उम्मीद थी. उसकी असामयिक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है. घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, गांव के लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके.

ALSO READ : बिहार शिक्षक ट्रांसफर नियमावली 2026 लागू, जानिए कैसे और किन शिक्षकों को पहले मिलेगा गृह जिला