Riyad Mahrez Retirement: अल्जीरिया के दिग्गज फुटबॉलर रियाद महरेज ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अल्जीरिया के अभियान के समाप्त होने के बाद महरेज ने यह फैसला लिया. राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था. इस हार के साथ ही अल्जीरिया का विश्व कप सफर खत्म हो गया और महरेज ने राष्ट्रीय टीम को अलविदा कह दिया.
35 वर्षीय महरेज ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए भावुक संदेश शेयर किया. उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और उन्होंने भी अपने सफर में कई यादगार और चुनौतीपूर्ण पल देखे हैं. महरेज ने कहा, “बचपन से ही अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करना मेरा सपना था. अपने देश की जर्सी पहनना मेरे लिए हमेशा गर्व और सम्मान की बात रही है. अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी आगे आए और टीम की जिम्मेदारी संभाले.”
🇩🇿 Riyad Mahrez : "C'était un match à notre portée."
— beIN SPORTS (@beinsports_FR) July 3, 2026
👀 Il annonce son dernier match avec la sélection #beINFWC2026 #FIFAWorldCup pic.twitter.com/y0C908Rsxx
अल्जीरिया के प्रमुख खिलाड़ियों रहे शामिल
रियाद महरेज पिछले एक दशक से अधिक समय तक अल्जीरियाई फुटबॉल के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे. अपनी बेहतरीन ड्रिब्लिंग, शानदार पासिंग और गोल करने की क्षमता के दम पर उन्होंने देश को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं. उन्होंने 2019 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (AFCON) में अल्जीरिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. उस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा और वह टीम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक थे.
लीसेस्टर सिटी को जिताया था प्रीमियर लीग का खिताब
क्लब फुटबॉल में भी महरेज का करियर बेहद सफल रहा है. उन्होंने इंग्लैंड में लीसेस्टर सिटी के साथ प्रीमियर लीग का ऐतिहासिक खिताब जीता और बाद में मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलते हुए कई घरेलू और यूरोपीय ट्रॉफियां अपने नाम कीं. वर्तमान में वह सऊदी अरब के क्लब अल-अहली का हिस्सा हैं.
महरेज के नाम 40 गोल
महरेज़ ने अल्जीरिया के लिए कुल 119 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 40 गोल किए. वह देश के सबसे सफल और सम्मानित फुटबॉलरों में गिने जाते हैं. उनके संन्यास के साथ अल्जीरियाई फुटबॉल के एक स्वर्णिम दौर का अंत हो गया है. अब टीम की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों के कंधों पर होगी, जबकि महरेज़ की उपलब्धियां लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों को प्रेरित करती रहेंगी.
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