KCA vs Sreesanth: पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत और केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के बीच चला विवाद एक बार फिर चर्चा में है. KCA ने अब श्रीसंत पर लगाया गया तीन साल का प्रतिबंध हटा लिया है. एसोसिएशन ने बताया कि श्रीसंत ने बिना शर्त माफी मांगते हुए अपने बयानों पर खेद जताया, जिसके बाद विशेष आमसभा की बैठक में बैन वापस लेने का फैसला किया गया.
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
यह विवाद फरवरी 2025 में तब शुरू हुआ था, जब भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए केरल की टीम में जगह नहीं मिली. बाद में संजू का चयन भारत की चैंपियंस ट्रॉफी टीम में भी नहीं हुआ, जिसके बाद इस मुद्दे ने बड़ा रूप ले लिया.
संजू सैमसन के समर्थन में उतरे श्रीसंत ने सार्वजनिक तौर पर KCA की आलोचना की और टीम चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने केरल क्रिकेट एसोसिएशन की भूमिका को लेकर कई बयान दिए, जिन्हें KCA ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया.
KCA ने भेजा था कारण बताओ नोटिस
श्रीसंत के बयानों के बाद KCA ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया. एसोसिएशन का आरोप था कि पूर्व भारतीय गेंदबाज ने संस्था के खिलाफ झूठे और मानहानिकारक बयान दिए हैं. मामले की जांच के बाद KCA ने श्रीसंत पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया था.
स्पॉट फिक्सिंग विवाद का भी किया गया जिक्र
विवाद के दौरान KCA ने 2013 के IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले का भी जिक्र किया था. एसोसिएशन ने बयान जारी कर कहा था कि जब श्रीसंत मैच फिक्सिंग के आरोपों में जेल में थे, तब KCA के अधिकारियों ने उनका समर्थन किया था.
KCA ने अपने बयान में कहा था कि अदालत ने आपराधिक मामले को खारिज जरूर किया, लेकिन मैच फिक्सिंग विवाद से उनका नाम पूरी तरह अलग नहीं हुआ था. ऐसे में उन्हें दूसरे खिलाड़ियों के संरक्षक की भूमिका निभाने की जरूरत नहीं है.
श्रीसंत ने क्या कहा था?
बैन लगने के बाद श्रीसंत ने दावा किया था कि उन्हें प्रतिबंध से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा था कि वह सिर्फ एक साथी केरल क्रिकेटर संजू सैमसन का समर्थन कर रहे थे और उनका किसी संस्था को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था.
अब हट गया बैन
करीब एक साल बाद KCA ने श्रीसंत का प्रतिबंध वापस ले लिया है. एसोसिएशन के मुताबिक, श्रीसंत ने बिना शर्त माफी मांगते हुए अपने बयान पर खेद जताया, जिसके बाद उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई समाप्त कर दी गई.
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