[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion आज है वरुथिनी एकादशी, करें व्रत कथा का पाठ, मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद

आज है वरुथिनी एकादशी, करें व्रत कथा का पाठ, मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद

0
आज है वरुथिनी एकादशी, करें व्रत कथा का पाठ, मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद
भगवान की पूजा करते हुए भक्त (एआई तस्वीर)

Varuthini Ekadashi 2026: वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है. ‘वरुथिनी’ का अर्थ ‘कवच’ या ‘रक्षा करने वाला’ होता है. माना जाता है कि जो भी भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से उपवास रखता है और श्री नारायण की पूजा करता है, भगवान विष्णु स्वयं एक कवच की तरह उसकी हर संकट से रक्षा करते हैं.

पौराणिक कथा

बहुत समय पहले की बात है. नर्मदा नदी के तट के पास एक नगर में राजा मान्धाता का शासन हुआ करता था. वे केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि एक महान तपस्वी और दानवीर भी थे. वे अक्सर अपने राजमहल से बाहर जंगलों में अकेले साधना करने जाया करते थे.

भालू ने किया राजा पर हमला

एक बार राजा जंगल में एक पेड़ के नीचे आंखें बंद कर तपस्या कर रहे थे. तभी वहां एक भूखा जंगली भालू आ पहुंचा. भालू ने राजा को देखा और उन पर हमला कर दिया तथा उनके पैर को अपने जबड़ों में जकड़कर चबाने लगा.

राजा ने भगवान विष्णु को पुकारा

असहनीय दर्द होने के बावजूद राजा मान्धाता न तो चिल्लाए और न ही उन्हें भालू पर गुस्सा आया. एक सच्चे तपस्वी की तरह उन्होंने सोचा, “हिंसा करना मेरा धर्म नहीं है.” अपनी रक्षा के लिए किसी हथियार को उठाने के बजाय उन्होंने मन से भगवान विष्णु को पुकारा.

भक्त की रक्षा के लिए प्रकट हुए नारायण

भक्त की पुकार सुनकर भगवान श्रीहरि वहां प्रकट हुए और अपने सुदर्शन चक्र से भालू का वध कर दिया. लेकिन तब तक भालू राजा का पैर काफी हद तक खा चुका था. अपना कटा हुआ पैर देखकर राजा बहुत दुखी हो गए.

तब भगवान विष्णु ने कहा, “हे राजन! उदास मत हो. तुम्हारे साथ जो हुआ, वह तुम्हारे पिछले जन्म के कुछ गलत कर्मों का फल था. लेकिन तुम्हारी भक्ति ने तुम्हें बड़े संकट से बचा लिया है.” भगवान ने राजा से कहा, “तुम मथुरा जाओ और वहां वरुथिनी एकादशी का व्रत करो. मेरे ‘वराह अवतार’ की पूजा करो. इस व्रत की शक्ति से तुम्हारा शरीर पहले जैसा स्वस्थ हो जाएगा.”

राजा नें रखा व्रत

राजा मान्धाता ने ठीक वैसा ही किया. उन्होंने मथुरा जाकर पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा. व्रत के प्रभाव से एक अद्भुत चमत्कार हुआ, राजा का पैर फिर से जुड़ गया और वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इसी व्रत के पुण्य प्रताप से अंत में उन्हें स्वर्ग में स्थान मिला.

यह भी पढ़ें: इस दिन मनाई जाएगी Varuthini Ekadashi, जानें धार्मिक महत्व

Previous article क्या ‘नागिन 7’ की इस हसीना ने कर लिया रोका? वायरल फोटो से मची हलचल
Next article Bengal Weather: पश्चिम बंगाल का मौसम हुआ गर्म, पश्चिमी क्षेत्र में तापमान पहुंचा 40 डिग्री पार
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel