[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Shardiya Navratri 2024: शुरू होने वाली है नवरात्रि, नौ दिनों तक होगी माता के इन स्वरूपों की पूजा

Shardiya Navratri 2024: शुरू होने वाली है नवरात्रि, नौ दिनों तक होगी माता के इन स्वरूपों की पूजा

0
Shardiya Navratri 2024: शुरू होने वाली है नवरात्रि, नौ दिनों तक होगी माता के इन स्वरूपों की पूजा
Shardiya Navratri 2024

Shardiya Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि में जगत जननी मां भगवती का पूजन किया जाता है.ऐसे में वर्ष में चार नवरात्रि मनाया जाता है दो गुप्त नवरात्रि और दो सार्वजानिक तौर पर किया जाता है. पहला चैत्र माह में बसंत नवरात्रि में किया जाता है,दूसरा आषाढ माह में गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है तीसरा शारदीय नवरात्रि जो आश्विन मास में मनाया जाता है.चौथा माघ माह में मनाया जाता है जिसे गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है इन चारो नवरात्री का अलग अलग महत्व है लेकिन शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है.पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्लपक्ष के एकम प्रतिपदा तिथि से आरम्भ होता है और पूरे नव दिन तक चलता है. नवरात्रि मानसिक शारारिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है.

नवरात्रि पूजा से वातावरण होता है शुभ

नवरात्रि व्रत का मूल उद्देश्य होता है इन्द्रियों का संयम और अध्यात्मिक शक्ति का संचय अतः यह भी कह सकते है नवरात्रि में पूजन करने से वातावरण भी शुद्ध हो जाता है.नवरात्रि का पर्व करने वाले को अपने अन्दर की उर्जा का जागृत करना नवरात्रि पर्व का मुख्य उद्देश्य होता है. इस समय प्रकृति में अलग से एक उर्जा का निर्माण होता है इस व्रत में कुछ ऐसी चीजों को परहेज करते है कुछ को नया तरीके से अपनाते भी है. इस समय वर्षा ऋतु के समाप्त तथा शरद ऋतू के आरंभ होता है जो प्राकृतिक में भी बदलाव दिखाई देता है.

मां के इन नौ रूपों की होती है पूजा


नवरात्रि के आरंभ होते ही सभी घरों में में दुर्गा पाठ आरम्भ हो जाता है.माता के अलग अलग रूप का पूजन किया जाता है.पहला दिन शैलपुत्री.दूसरा दिन ब्रह्मांचारणी, तीसरा दिन चंद्रघंटा ,चौथा दिन कुष्मांडा, पांचवा दिन स्कंदमाता, छठा दिन कत्यानी ,सातवा दिन कालरात्रि, आठवा दिन महागौरी, नवा दिन सिद्धिदात्री माता का पूजन किया जाता है, मां दुर्गा के साथ भगवन राम का पूजन विशेष तौर पर किया जाता है.

असत्य पर सत्य की जीत


मान्यता यह है भगवान श्री राम ने रावण से युद्ध में जाने से पहले मां भगवती का पूजन करके युद्ध में गए थे क्योंकि रावण और राम में युद्ध हुआ था जिसमे राम की जीत हुई थी. असत्य पर सत्य की जीत हुआ है.इस के दिन घर पर आम के पते का तोरण लगाने से परिवारिक शान्ति बनी रहती है. घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाएं फिर माता के पूजा श्रद्धा के साथ करें.

शारदीय नवरात्रि नवरात्रि का धार्मिक महत्व क्या है ?

शारदीय नवरात्रि में माता का पुजन करने का प्रभधान दुर्गासप्तशी के पाठ में बताया गया है शरद ऋतु में जो लोग वर्षिक माता की पूजा करने से तथा दुर्गासप्तशी के पाठ श्रद्धा भक्ति से पाठ करने से सभी बाधाओं से मुक्त तथा तथा धन धान्य से से परिपूर्ण होते है शरदीय नवरात्रि बैदिक काल से मनाया जाता है.

शरदीय नवरात्रि का ज्योतिषिय महत्व

शरदीय नवरात्रि में माता का पूजन करने से चंद्रमा से सम्बन्धित दोष दुर होता है. आपके जन्मकुंडली में चंद्रग्रहण बना हों, चंद्रमा तथा शनि की युति बन गया है जिसे विषयोग का निर्माण होता है.इस अवस्था में शरदीय नवरात्रि में माता का पुजन करने से ग्रह दोष दूर होते है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

Previous article MP के शाजापुर में हिंसा भड़की, गोली और पथराव में एक की मौत
Next article Bihar News: सियार के आतंक से दहशत में बेगुसराय के लोग, दो दिनों में एक दर्जन लोगों को बनाया शिकार
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel