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Home Religion रांची में रामनवमी से पहले क्यों निकलता है मंगलवारी जुलूस, जानिए परंपरा

रांची में रामनवमी से पहले क्यों निकलता है मंगलवारी जुलूस, जानिए परंपरा

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रांची में रामनवमी से पहले क्यों निकलता है मंगलवारी जुलूस, जानिए परंपरा
रांची में रामनवमी जुलूस की परंपरा

Ranchi Ram Navami Julus: रांची में रामनवमी से पहले निकलने वाला मंगलवारी जुलूस शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. हालांकि इसकी शुरुआत कब हुई, इसका कोई स्पष्ट और प्रामाणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह परंपरा करीब 50 वर्षों से भी अधिक पुरानी है.

रामनवमी से पहले हर मंगलवार को निकलने वाला यह जुलूस शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना देता है. विभिन्न अखाड़े, धार्मिक समितियां और युवा संगठन इसमें भाग लेते हैं. यह जुलूस मुख्य रामनवमी शोभायात्रा की तैयारी का भी एक अहम मंच माना जाता है, जहां अखाड़े अपने शस्त्र संचालन, पारंपरिक कला और संगठन क्षमता का प्रदर्शन करते हैं.

सुकरा उरांव का रहा विशेष योगदान

रांची में इस परंपरा को जीवित रखने में डंगरा टोली के सुकरा उरांव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे लगभग 50 वर्षों तक लगातार हर मंगलवारी जुलूस में अपने अखाड़े के साथ शामिल होते रहे. पहले मंगलवारी से लेकर अंतिम मंगलवारी तक उनकी उपस्थिति इस परंपरा की पहचान बन गई थी.

सुकरा उरांव श्री महावीर मंडल रांची के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे. धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण शहर में उनकी विशेष पहचान थी. उनके निधन के बाद हंगरा टोली क्षेत्र में मंगलवारी जुलूस की परंपरा लगभग समाप्त हो गई.

कई संगठनों और अखाड़ों की भागीदारी

मंगलवारी जुलूस को आगे बढ़ाने में कई संगठनों और अखाड़ों का योगदान रहा है. इनमें नवयुवक समिति ग्वाला टोली और बाल मित्र मंडल प्यादा टोली (शिव मंदिर मैकी रोड) प्रमुख रूप से शामिल हैं.

इसके अलावा कई अन्य संस्थाएं भी इस परंपरा का हिस्सा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • श्री चैती दुर्गा चूजा समिति
  • सांस्कृतिक कला संगम, सुभाष चौक
  • भारतीय नवयुवक संघ, अल्बर्ट एक्का चौक
  • महावीर मंदिर, हजारीबाग रोड
  • नवकला महावीर मंदिर, लालपुर
  • श्री महावीर मंडल, कोकर
  • श्री महावीर मंडल, इमली टोला

इन संगठनों ने वर्षों तक इस जुलूस को भव्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

हजारों अखाड़ों की भागीदारी

रांची में रामनवमी महोत्सव के दौरान करीब 1500 अखाड़े भाग लेते हैं. हालांकि बदलते समय के साथ कई अखाड़ों की भागीदारी मंगलवारी जुलूस में कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद यह परंपरा आज भी शहर की धार्मिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है. हर साल हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर रामनवमी के उत्सव को और भी भव्य बनाते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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