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Home Religion Jaya Ekadashi Katha in Hindi: आज जया एकादशी पर पढ़ें ये पावन कथा, जो दिलाती है विजय और सुख

Jaya Ekadashi Katha in Hindi: आज जया एकादशी पर पढ़ें ये पावन कथा, जो दिलाती है विजय और सुख

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Jaya Ekadashi Katha in Hindi: आज  जया एकादशी पर पढ़ें ये पावन कथा, जो दिलाती है विजय और सुख
जया एकादशी व्रत कथा

Jaya Ekadashi Katha in hindi: माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी इस साल आज 29 जनवरी को मनाई जाएगी. यह व्रत भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है. इस दिन पूजा के बाद व्रत कथा पढ़ना जरूरी माना जाता है, तभी व्रत पूरा माना जाता है.

जया एकादशी व्रत कथा (Jaya Ekadashi 2025 Vrat Katha)

पद्म पुराण के अनुसार, एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि जया एकादशी का महत्व क्या है. तब श्रीकृष्ण ने बताया कि यह व्रत करने से मनुष्य को भूत-प्रेत और पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है.

पुष्पवती और माल्यवान की कहानी

एक समय देवराज इंद्र स्वर्ग के सुंदर वन में अप्सराओं और गंधर्वों के साथ थे. वहाँ अप्सरा पुष्पवती और गंधर्व माल्यवान भी मौजूद थे. दोनों एक-दूसरे की सुंदरता पर मोहित हो गए.

इंद्र को खुश करने के लिए उन्हें नृत्य और संगीत प्रस्तुत करना था, लेकिन उनका मन एक-दूसरे में ही लगा रहा. इंद्र को यह अनादर लगा और वे क्रोधित हो गए. उन्होंने दोनों को श्राप दिया कि वे स्वर्ग से गिरकर धरती पर पिशाच योनि में जन्म लेंगे और कष्ट झेलेंगे.

धरती पर कष्ट

श्राप के कारण वे हिमालय पर्वत पर पिशाच बनकर रहने लगे. उन्हें बहुत दुख और कष्ट सहने पड़े.

अनजाने में हुआ व्रत

एक दिन माघ शुक्ल एकादशी आई. उस दिन उन्होंने कुछ भी अन्न नहीं खाया, केवल फल-फूल से दिन बिताया. रात बहुत ठंडी थी, वे एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठे रहे और ठंड के कारण सो नहीं पाए. इस तरह उनसे अनजाने में उपवास और रात्रि जागरण हो गया.

भगवान की कृपा

सुबह होते ही भगवान विष्णु की कृपा से वे पिशाच योनि से मुक्त हो गए और उन्हें सुंदर शरीर मिल गया. फिर वे स्वर्ग लौट गए.

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इंद्र को आश्चर्य

स्वर्ग पहुंचकर उन्होंने इंद्र को प्रणाम किया. इंद्र ने पूछा कि श्राप से मुक्ति कैसे मिली. तब माल्यवान ने बताया कि जया एकादशी व्रत के प्रभाव और भगवान विष्णु की कृपा से यह संभव हुआ.

कथा से सीख

जया एकादशी की इस कथा से हमें ये सीख मिलती है कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा से जया एकादशी का व्रत करता है, उसे भगवान विष्णु की कृपा मिलती है. ऐसे व्यक्ति को मृत्यु के बाद बुरी योनियों में कष्ट नहीं झेलना पड़ता.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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