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Home Religion चैत्र अमावस्या 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये आसान उपाय

चैत्र अमावस्या 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये आसान उपाय

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चैत्र अमावस्या 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये आसान उपाय
चैत्र अमावस्या 2026

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को चैत्र अमावस्या कहा जाता है. इसे भारत के कई हिस्सों में ‘भूतड़ी अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है. यह हिंदू नववर्ष के ठीक पहले आती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और विशेष रूप से पितृ तर्पण का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए तर्पण कार्यों से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार को सुख, शांति एवं वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. चैत्र अमावस्या के दिन पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए कुछ प्रभावी उपाय नीचे दिए गए हैं. इन्हें आप बिना किसी जटिल विधि के आसानी से समझ सकते हैं.

पितृ दोष मुक्ति के उपाय

पीपल के पेड़ की सेवा

अमावस्या के दिन दोपहर के समय पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें. इसके बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा करें. शाम को उसी पेड़ के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं. माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और पितरों का वास होता है.

शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें

पितृ दोष की शांति के लिए अमावस्या के दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध के साथ काले तिल अर्पित करें. ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करते हुए अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

दक्षिण दिशा में दीपदान

शाम के समय अपने घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं. दक्षिण दिशा पितरों की दिशा मानी जाती है. संभव हो तो घर की दहलीज पर बाहर की ओर मुख करके दीपक रखें, ताकि पितरों का मार्ग प्रकाशित हो सके.

अन्न और जल का दान

किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को मौसमी फल, अनाज, गुड़ और जल से भरा पात्र दान करें. चैत्र मास में गर्मी की शुरुआत होती है, इसलिए जल का दान महादान माना जाता है.

कपूर का धुआं

सूर्यास्त के समय घर में कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं करें. इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितरों के लिए सकारात्मक वातावरण बनता है.

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