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Home Religion Bhadrapada Month 2025: भाद्रपद मास आरंभ, इन कामों से रहें दूर, वरना हो सकता है नुकसान

Bhadrapada Month 2025: भाद्रपद मास आरंभ, इन कामों से रहें दूर, वरना हो सकता है नुकसान

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Bhadrapada Month 2025: भाद्रपद मास आरंभ, इन कामों से रहें दूर, वरना हो सकता है नुकसान
Bhadrapada Month 2025 things to avoid (PC: Freepik)

Bhadrapada Month 2025: भाद्रपद मास हिंदू पंचांग का छठा महीना है, जो सावन के बाद आता है. इसे भादो या भादवा नाम से भी जाना जाता है. वर्ष 2025 में यह पावन महीना 10 अगस्त से शुरू होकर 7 सितंबर तक रहेगा. चातुर्मास का दूसरा मास होने के कारण यह भगवान गणेश और श्रीकृष्ण की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है. भगवान कृष्ण का जन्म इसी महीने में होने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. इस अवधि में कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, साथ ही इस बार भाद्रपद के अंत में ग्रहण भी लगेगा. आइए जानते हैं, भादो माह का महत्व और इसमें किन कार्यों से बचना चाहिए.

भाद्रपद माह में किन कार्यों से बचें

  • इस पवित्र महीने में विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय जैसी बड़ी शुरुआत करने से परहेज करें.
  • पूरे माह पेड़ों की कटाई या प्रकृति को हानि पहुंचाने वाले कार्य न करें.
  • मांस, मछली, अंडा, लहसुन, प्याज और शराब जैसे तामसिक आहार से दूर रहें.
  • अनावश्यक खर्च से बचें और धन का सदुपयोग दान-पुण्य एवं धार्मिक कार्यों में करें.

भादो महीने में क्यों टाले जाते हैं शुभ कार्य

भादो माह को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है क्योंकि यह चातुर्मास का काल होता है, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं. इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य करने से बचा जाता है. हालांकि, यह महीना पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भगवान की भक्ति के लिए अत्यंत पावन माना जाता है.

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भाद्रपद माह का महत्व

सावन जहां भगवान शिव को समर्पित है, वहीं भाद्रपद माह श्रीकृष्ण का माना जाता है, क्योंकि इसी पावन महीने में मुरली मनोहर का जन्म हुआ था. ‘भद्र’ का अर्थ है सौभाग्यशाली, इसलिए भादो में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य लंबे समय तक फलदायी रहता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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