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Home Prabhat Khabar Special Viral Video 19 Minute : सावधान! बिना जांचे ना करें AI कंटेंट को शेयर–कमेंट ; मानहानि के मामले में भरना पड़ेगा जुर्माना या होगी जेल

Viral Video 19 Minute : सावधान! बिना जांचे ना करें AI कंटेंट को शेयर–कमेंट ; मानहानि के मामले में भरना पड़ेगा जुर्माना या होगी जेल

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Viral Video 19 Minute : सावधान! बिना जांचे ना करें AI कंटेंट को शेयर–कमेंट ; मानहानि के मामले में भरना पड़ेगा जुर्माना या होगी जेल
Viral Video 19 Minute

Viral Video 19 Minute 34 Seconds : बचपन में हम सबने हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षा में एक essay writing या निबंध लेखन किया है, जिसका विषय होता था –विज्ञान वरदान है या अभिशाप? आज के आधुनिक युग में जबकि विज्ञान के बिना जीवन संभव नहीं और एआई (Artificial intelligence) जैसी तकनीक ने लोगों के जीवन पर कब्जा कर लिया है, कई ऐसी चीजें हमारे साथ हो रही है, जो मानवता के ऊपर खतरा हैं. एआई के जरिए कई ऐसे काम किए जा रहे हैं, जो इंसान की भावनाओं को आहत करते हैं और समाज के सामने यह सवाल भी खड़े करता है कि क्या एआई का हमारे जीवन में इतना अधिक कब्जा सही है?

Viral Video 19 Minute 34 Seconds में आई डीपफेक की बात!

सोशल मीडिया के दौर में कोई भी सही–गलत सूचना बहुत ही जल्दी वायरल हो जाती है. इसी वजह से जब Viral Video 19 Minute सामने आया, तो यह कुछ ही घंटे में वायरल हो गया और इस वीडियो लिंक को शेयर किया जाने लगा, बिना यह जाने और समझें कि यह सच है या झूठ. सबसे बड़ी बात जो इस तरह के आपत्तिजनक वीडियो के साथ होती है कि इसे शेयर करना भारतीय कानून के अनुसार अपराध है और आईटी एक्ट के तहत इसमें सजा का प्रावधान है, यह जाने बिना ही आम यूजर इसे शेयर कर रहा है.

सोशल मीडिया में सूचनाएं, तो बहुत जल्दी तैरने लगती हैं, लेकिन वो कितनी सच्ची हैं और क्या उसे शेयर किया जाना चाहिए? इस बात को लेकर जानकारी का सख्त अभाव रहता है, क्योंकि सूचना को बिना कंफर्मेशन के वायरल किया जाता है. Viral Video 19 Minute के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. यह वीडियो सच है भी या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह वीडियो वायरल है. इस वीडियो में जिस लड़की के होने की बात कही गई वो एक यूट्‌यूबर है और उसने सामने आकर यह कहा कि यह वीडियो उसका नहीं है. बाद में वीडियो का सीक्वल भी आ गया, जो यह साबित करता है कि यह वीडियो एआई जेनरेटेड था.

Payal Gaming 19 minute video का सच क्या है?

Payal Dhare Image
पायल धारे

बुधवार को एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल था, जिसमें एक यूट्‌यूबर पायल धारे का आपत्तिजनक वीडियो था. इस वीडियो के वायरल होने के बाद उसके कई प्रशंसकों ने यह कहा कि यह वीडियो पायल गेमिंग को अपमानित करने के लिए वायरल किया जा रहा है और यह वीडियो झूठा है. यह बात भी सामने आई कि यह वीडियो एआई क्रियेटेड है. यूट्‌यूबर ने भी सामने आकर इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वीडियो में जिस लड़की को दिखाया जा रहा है वो मैं नहीं हूं.

उन्होंने इस वीडियो के वायरल होने के बाद उसे जो दुख हुआ, उसकी भी चर्चा की और लोगों से यह आग्रह किया कि वे इस तरह के वीडियो को शेयर ना करें, जो दूसरों को अपमानित करने वाला हो. पायल गेमिंग ने उन लोगों का आभार भी व्यक्त किया, जो इस वीडियो के वायरल होने के बाद उसके साथ खड़े थे. पायल गेमिंग ने कहा कि वो निगेटिविटी फैलाने वाली चीजों से दूर रहती हैं, बावजूद इसके उनके खिलाफ नकारात्मकता फैलाई गई.

Grok ने किया वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा के खिलाफ दुष्प्रचार?

Grok एक्स का एआई है. इसने एक वीडियो पर दुष्प्रचार करने जैसी जानकारी दी है और यह एक तरह से मानहानि का मामला है. दरअसल Meru नाम के एक्स हैंडल से कचरा फैलाने के संबंध में एक वीडियो पोस्ट किया है. उस वीडियो में एक व्यक्ति को कचरा फैलाते हुए दिखाया जाता है और दूसरा व्यक्ति उसे जागरूक करने की कोशिश करता है. यह वीडियो जब पोस्ट हुआ, तो कुछ लोगों ने Grok से पूछा कि यह व्यक्ति कौन है, तो उसने यह जानकारी दी यह व्यक्ति प्रभात खबर के वरिष्ठ संपादक अनुज सिन्हा हैं.

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अनुज सिन्हा झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार हैं और उन्होंने जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की है. वे अब रिटायर हो चुके हैं, लेकिन औरा आज भी कायम है. वीडियो में कचरा फैलाने वाले का चेहरा स्पष्ट दिख रहा है,जो अनुज कुमार सिन्हा से थोड़ा भी नहीं मिलता है. उसके बावजूद उनका अपमान हो रहा है और लोग बिना सच जाने, आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं. यह भी एआई की एक बड़ी भूल है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति का अपमान हो रहा है.

मानहानि के केस में हो सकती है दो साल की सजा और जुर्माना

किसी व्यक्ति का मानहानि करने पर देश में सजा का प्रावधान है. कानून के अनुसार मानहानि के केस में दो साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन अगर केस गंभीर हो तो सजा ज्यादा भी हो सकती है. सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट को शेयर करने और उसपर गलत कमेंट पर भी आईटी एक्ट के तहत सजा का प्रावधान है.

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Payal Gaming : कौन है पायल गेमिंग? प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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