आये दिन हम टीवी चैनलों पर सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र को लेकर बहस देखते हैं. मैं मानता हूं कि सरकार यदि कर्मचारियों को 60 वर्ष के बजाय 58 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट देती है, तो वह व्यक्ति व समाज के हित में होगा. समय पर पदमुक्त होने के बाद व्यक्ति अपने परिवार और समाज के लिए पर्याप्त समय दे पायेगा. वह एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा.
बढ़ती उम्र के साथ लोगों का स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन कमजोर हो जाता है, जिससे अपने दफ्तर तक का सफर और काम का बोझ उन्हें मानसिक रूप से बीमार कर देता है. इससे तो अच्छा है कि समय पर सेवानिवृत्ति ग्रहण कर अपने स्वास्थ्य और समाजिक कार्यो पर ध्यान दिया जाये. इसका एक दूसरा परिणाम यह भी होगा कि इससे नयी पीढ़ी के शिक्षित बेरोजगारों को भी रोजगार का मौका मिलेगा.
शकुंतला कुमारी, गिरिडीह