Sachin Ahir : महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. एक दिन पहले ( 30 जून दिन- मंगलवार) ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हैंं. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सचिन अहीर को महाराष्ट्र विधान परिषद का उपसभापति सर्वसम्मति से चुन लिया गया. इस घटनाक्रम को उद्धव ठाकरे के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
एक दिन पहले बदला पाला, अगले दिन मिली बड़ी जिम्मेदारी
सचिन अहीर ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे की शिवसेना छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट शामिल हुए. इसके तुरंत बाद उन्होंने विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया और बुधवार को उन्हें सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुन लिया गया.
विपक्ष ने वापस लिया उम्मीदवार
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) की ओर से जे. एम. अभ्यंकर ने उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया था. हालांकि संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल के अनुरोध पर अभ्यंकर ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद सचिन अहीर निर्विरोध उपसभापति चुने गए.
उद्धव ठाकरे के लिए लगातार बढ़ रही मुश्किलें
सचिन अहीर का शिंदे गुट में जाना उद्धव ठाकरे के लिए दोहरे झटके के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले उनकी पार्टी के छह सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। लगातार हो रहे इन राजनीतिक बदलावों से उद्धव सेना की संगठनात्मक और राजनीतिक ताकत पर सवाल उठने लगे हैं।
आगे क्या होगा
सचिन अहीर को उपसभापति बनाए जाने से विधान परिषद में शिंदे गुट की स्थिति और मजबूत हो गई है. वहीं, उद्धव ठाकरे के सामने अपने नेताओं और जनाधार को एकजुट बनाए रखने की चुनौती और बढ़ गई है. इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और सियासी हलचल देखने को मिल सकती हैं.
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