Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क-पुल की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बाद ग्रामीणों ने चारपाई पर रखकर नदी पार कराई, क्योंकि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी. इस दौरान महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण एक महिला को चारपाई के सहारे नदी पार कराते नजर आ रहे हैं. यह मामला छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा ब्लॉक के एक दूरदराज गांव का है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव में करीब 20 परिवार रहते हैं और मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से यहां पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. बारिश और आपात स्थिति के समय गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गर्भवती महिला साविता विश्वकर्मा को बुधवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी. इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी. लेकिन गांव में खराब नेटवर्क और नदी पार करने की समस्या के कारण मदद समय पर नहीं पहुंच सकी.
जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तो ग्रामीणों ने उसे चारपाई पर लिटाया और नदी पार कराकर सड़क तक ले जाने की कोशिश की. लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म दे दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने मां और नवजात को बाइक के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का इलाज किया गया.
डॉक्टर ने बताया मां और बच्चा स्वस्थ
अमरवाड़ा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. के ठाकुर ने बताया कि महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद अस्पताल लाया गया था. उन्होंने कहा कि फिलहाल महिला और उसका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.
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पुल नहीं होने से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
इस घटना के बाद एक बार फिर भारत के दूरदराज इलाकों में लोगों को होने वाली परेशानियां सामने आई हैं. सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है. ऊपर से यह बारिश का मौसम है, अगर बुनियादी सुविधाओं का अभाव ऐसा ही बना रहा तो मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
