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Home National भारत पहुंचीं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज, पीएम मोदी से हुई मुलाकात; इंडिया का बड़ा संकट होगा दूर!

भारत पहुंचीं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज, पीएम मोदी से हुई मुलाकात; इंडिया का बड़ा संकट होगा दूर!

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भारत पहुंचीं वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज, पीएम मोदी से हुई मुलाकात; इंडिया का बड़ा संकट होगा दूर!
पीएम मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज. फोटो- एक्स.

PM Modi Meets Delcy Rodriguez: वेनेजुएला में निकोलस मादुरो की सरकार जाने के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति बनीं डेल्सी रोड्रिगेज 3 जून से 7 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं. वह एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली पहुंची हैं. बुधवार को नई दिल्ली पहुंचने पर डेल्सी रोड्रिगेज का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. भारत और वेनेजुएला के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई. माना जा रहा है कि इस दौरे से ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति मिल सकती है.

पीएम मोदी से हुई मुलाकात

राष्ट्रपति डेल्सी के साथ वेनेजुएला के विदेश मंत्री, अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, संचार एवं सूचना मंत्री तथा परिवहन मंत्री भी भारत आए हैं. इस वजह से इस यात्रा को दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे. बैठक में दोनों देशों के संबंधों की पूरी समीक्षा की गई और कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ.

किन क्षेत्रों पर रहा फोकस?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश, दवा उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया. भारत और वेनेजुएला लंबे समय से ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग करते रहे हैं. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा बाजार में बदलते हालात के बीच इस क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और नए निवेश अवसरों की पहचान करने पर भी जोर दिया.

क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?

वेनेजुएला दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है, जबकि भारत ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का विशेष महत्व है. इसके अलावा फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के बीच आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है.

भारत 2019 तक वेनेजुएला का 5वां सबसे बड़ा आयातक देश था. लेकिन अमेरिकी सैंक्शन की वजह से धीरे-धीरे भारत ने वेनेजुएला से तेल लेना बंद कर दिया.  जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में निकोलस मादुरो को अमेरिका ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद से वेनेजुएला के तेल व्यापार की छूट मिली है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 तक भारत वेनेजुएला के तेल का सबसे बड़ा खरीददार बन गया है. 

ईरान युद्ध की वजह से भारत को तेल संकट का सामना करना पड़ा था. भारत जो अपनी जरूरत का लगभग 85-90 प्रतिशत तेल इंपोर्ट करता है, वेनेजुएला राहत लेकर आया है. भारत अपनी निर्भरता खाड़ी देशों से कम करना चाहता है. वहीं, भारत की बड़ी रिफाइनरियां वेनेजुएला के गाढ़े तेल को शुद्ध करने में सबसे बेस्ट मानी जाती हैं. ऐसे में भारत अपनी तेल जरूरतों को पूरा करने के साथ ही क्रू़ड ऑयल को रिफाइन करके एक्सपोर्ट भी कर सकता है. 

पहले जयशंकर से हुई मुलाकात

प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले डेल्सी रोड्रिगेज ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी बैठक की. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्हें नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से मुलाकात कर खुशी हुई. उन्होंने भारत-वेनेजुएला संबंधों के प्रति रोड्रिगेज की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता की सराहना की और विश्वास जताया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत बनाएगी.

भारत आने का कार्यक्रम किया गया रिशेड्यूल

डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा पहले जून की शुरुआत में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रस्तावित थी. हालांकि बाद में उस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया. इसके बाद उनके दौरे को एक औपचारिक कार्यकारी यात्रा के रूप में पुनर्निर्धारित किया गया.

पहले भी भारत आ चुकी हैं रोड्रिगेज

डेल्सी पहले भी भारत दौरे पर आ चुकी हैं. वे दक्षिण भारत के दिवंगत संत सत्य श्री साईं बाबा की भक्त भी हैं. उन्होंने आधिकारिक तौर पर अब तक 5 बार इंडिया विजिट किया है.

सबसे पहले 2015 में विदेश मंत्री के रूप में.

2019 में उपराष्ट्रपति के रूप में.

2023 में उपराष्ट्रपति के रूप में.

2024 में उपराष्ट्रपति के रूप में.

फरवरी 2025 में तेल मंत्री के रूप में ‘इंडिया एनर्जी वीक’ में भाग लेने के लिए.

अब छठवीं बार जून 2026 में कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में 5 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर वह भारत आई हैं. पिछले 10 साल में जब भी उन्होंने भारत की यात्रा की है, भारत में वर्तमान सत्ता बरकरार रही है. ऐसे में उनके लिए यह प्रशासन नया नहीं है.  

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भारत-वेनेजुएला संबंधों को मिल सकती है नई रफ्तार

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग लगातार बढ़ा है. मौजूदा उच्चस्तरीय वार्ता से यह संकेत मिलता है कि नई दिल्ली और कराकास आने वाले समय में व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार देना चाहते हैं.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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