Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में सोमवार (29 जून) को वडगांव मावल कोर्ट ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह पहले से ही तय साजिश का हिस्सा थी और दोनों आरोपियों ने इसकी फिलप्रूव प्लानिंग की थी. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने की अनुमति दे दी.
सोमवार को दोनों आरोपियों को लोनावला के वडगांव मावल पुलिस स्टेशन से लेजाकर कोर्ट में पेश किया गया. अभियोजन पक्ष (Prosecutors) ने जांच पूरी करने के लिए सात दिन की और पुलिस रिमांड की मांग की थी. हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया.
पहले भी भेजे गए थे पुलिस रिमांड पर
सिया गोयल और चेतन चौधरी को केतन हत्याकांड मामले में 23 जून को गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने उन्हें पहले 29 जून तक सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था. अब जांच में सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी है. इस बीच सिया गोयल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट विपुल दुशिंग ने कोर्ट में कहा कि आरोपी शुरू से ही जांच में सहयोग कर रही है और आगे भी पुलिस के साथ पूरा सहयोग करेगी. उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस कस्टडी बढ़ाने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि आरोपी पहले ही जांच एजेंसियों के साथ पूरी सहयोग कर चुकी है. हालांकि कोर्ट ने मामले की गंभीरता, सामने आए सबूतों को ध्यान में रखते हुए पुलिस हिरासत बढ़ाने का फैसला सुनाया.
पुलिस का दावा- सिया ने दिया था हत्या का संकेत
पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर हुई घटना के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर चेतन चौधरी को पहले से तय संकेत दिया था. पुलिस के अनुसार, सिया पानी पीने के बहाने जमीन पर बैठ गई थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह इशारा चेतन चौधरी को यह बताने के लिए था कि अब वह केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का दे सकता है. पुलिस का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया खुद पीड़ित की पहुंच से दूर रहे और केतन उसे पकड़कर खुद को बचा न सके.
हत्या से पहले कैफे में रची गई थी साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले दोनों आरोपी पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में मिले थे. पुलिस का दावा है कि इसी बैठक में हत्या की पूरी साजिश रची गई. पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज इस मुलाकात की पुष्टि करते हैं. अधिकारियों का यह भी कहना है कि दोनों ने अपराध को अंजाम देने से पहले उसका पूर्वाभ्यास भी किया था. फिलहाल पुलिस उस स्थान की तलाश कर रही है, जहां कथित तौर पर रिहर्सल किया गया था.
घटनास्थल पर कराया गया क्राइम सीन रीक्रिएशन
रविवार (28 जून) को सुबह पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची थी, जहां पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया गया. जांच अधिकारियों ने घटना से जुड़े हर पहलू को दोबारा समझने की कोशिश की ताकि आरोपियों के बयान और उपलब्ध सबूतों का मिलान किया जा सके.
पुलिस ने जब्त किया स्कूटर
जांच के दौरान पुलिस ने वह स्कूटर भी जब्त कर लिया है जिसका इस्तेमाल चेतन चौधरी ने पुणे से लोहागढ़ किले तक पहुंचने के लिए किया था. इसकी दूरी करीब 100 किलोमीटर है. पुलिस का मानना है कि दोनों ने कार की बजाय स्कूटर का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि रास्ते में टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों से बचा जा सके. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है.
सगाई के बाद बदले रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई 19 फरवरी को हुई थी. दोनों की शादी इसी साल के अंत में होने वाली थी. इसके अलावा पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल का बीते करीब एक साल से चेतन चौधरी के साथ कथित प्रेम संबंध था. पुलिस को संदेह है कि सिया शादी नहीं करना चाहती थी और इसी कारण कथित तौर पर दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची.
कई और पहलुओं की जांच अभी जारी
पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. पुलिस डिजिटल सबूतों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले सबूतों और आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है. साथ ही कथित हत्या की साजिश, पूर्वाभ्यास और घटना के पीछे की पूरी मंशा को लेकर भी गहन जांच की जा रही है.
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