[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को सुनाई खरी-खरी, कहा- केंद्र सरकार का विरोध करना जुर्म नहीं

हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को सुनाई खरी-खरी, कहा- केंद्र सरकार का विरोध करना जुर्म नहीं

0
हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को सुनाई खरी-खरी, कहा- केंद्र सरकार का विरोध करना जुर्म नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट (File Photo)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मुंबई पुलिस के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक राजनीतिक कार्यकर्ता को मुंबई से तड़ीपार किया गया था. कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार के कुछ फैसलों के खिलाफ रैली या प्रदर्शन आयोजित करना किसी व्यक्ति को तड़ीपार करने का आधार नहीं बन सकता. कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आधार पर कार्रवाई करना नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

एसडीपीआई के महासचिव 49 वर्षीय सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस माधव जमदार ने यह टिप्पणी की. जस्टिस ने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना या नारे लगाना किसी व्यक्ति को महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत तड़ीपार करने का आधार नहीं हो सकता. कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का अधिकार है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से पूछा कि “बीजेपी सरकार मुर्दाबाद” और “अमित शाह मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाने को किसी व्यक्ति को तड़ीपार करने का आधार कैसे बनाया जा सकता है.

किन मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे थे सईद अहमद

चेंबूर निवासी सईद अहमद लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. उनके खिलाफ 2019 से 2024 के बीच कई एफआईआर दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें एक साल के लिए मुंबई शहर, उपनगरों और आसपास के इलाकों से तड़ीपार कर दिया था. सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के खिलाफ दर्ज ज्यादातर मामले नागरिकता संशोधन कानून (CAA), एनआरसी, ज्ञानवापी मस्जिद विवाद, बाबरी मस्जिद विध्वंस, वक्फ बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों से जुड़े थे.

यह भी पढ़ें : आरक्षण के खिलाफ बोलना गुनाह नहीं, जानिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऐसा क्यों कहा?

चौधरी की ओर से पेश वकील पयोशी रॉय ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की गई थीं. इनमें ज्यादातर मामले केंद्र सरकार के फैसलों के विरोध में प्रदर्शन करने से जुड़े थे. उन्होंने बताया कि ये केस भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दर्ज किए गए, जो सरकारी आदेशों की अवहेलना से संबंधित है.

Previous article प्रेमी ने छोड़ा साथ तो मोबाइल टावर पर चढ़ गई युवती, पुलिस ने बचाई जान
Next article मेहंदी का रंग उतरा भी नहीं कि बन गईं अफसर, शादी के अगले ही दिन BPSC टॉपर बनीं पटना की सुदिति
Avatar Of Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel