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Home National तमिलनाडु के CM विजय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके फंसे डीएमके नेता राधाकृष्णन, गिरफ्तारी हुई

तमिलनाडु के CM विजय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके फंसे डीएमके नेता राधाकृष्णन, गिरफ्तारी हुई

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तमिलनाडु के CM विजय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके फंसे डीएमके नेता राधाकृष्णन,   गिरफ्तारी हुई
डीएमके नेता अनिता राधाकृष्णन

TN CM Vijay : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट ने डीएमके नेता अनिता राधाकृष्णन को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. उन्होंने एक सभा में सीएम विजय पर भड़काऊ टिप्पणी की थी.

23 जून को दर्ज हुआ था अनिता राधाकृष्णन के खिलाफ मामला

तिरुचेंदूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अनिता राधाकृष्णन के खिलाफ पुलिस ने 23 जून को मामला दर्ज किया था. यह कार्रवाई तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के ऑथूर शहरी सचिव एस सेल्वम की शिकायत पर की गई. सेल्वम ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 जून को ऑथूर में आयोजित डीएमके की एक सभा में राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ बयान दिए थे. पुलिस ने राधाकृष्णन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है. इन धाराओं में शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान करना तथा विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या नफरत फैलाने वाले बयान देना शामिल है.

शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

शिकायत दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए राधाकृष्णन ने मद्रास हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी. शुक्रवार को केस की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जीके इलांथिरायन ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत भाषण की प्रतिलिपि को देखा और राधाकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने टिप्पणी की कि एक पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक द्वारा किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग करना गंभीर विषय है. सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए.

गिरफ्तारी के विरोध में डीएमके का प्रदर्शन

राधाकृष्णन के वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि भाषण भले ही आपत्तिजनक हो, लेकिन उनके खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है वो सही नहीं हैं.जबकि सरकारी पक्ष ने तर्क दिया कि बयान अत्यंत भड़काऊ था और समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती थी. अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने अनिता राधाकृष्णन को हिरासत में ले लिया था, बाद में उनकी गिरफ्तारी हो गई. गिरफ्तारी के बाद, कॉर्पोरेशन मेयर जेगन पेरियासामी की अगुवाई में डीएमके के कार्यकर्ताओं ने पुलिस एसपी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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