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Home National Budget 2026 : बांग्लादेश को मिलने वाली विदेशी मदद आधी, चाबहार को फंड नहीं

Budget 2026 : बांग्लादेश को मिलने वाली विदेशी मदद आधी, चाबहार को फंड नहीं

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Budget 2026 : बांग्लादेश को मिलने वाली विदेशी मदद आधी, चाबहार को फंड नहीं
निर्मला सीतारमण/ बजट 2026 (Photo: PTI)

Budget 2026 : भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते बजट 2026-27 में ईरान के चाबहार पोर्ट के विकास के लिए फंडिंग शून्य कर दी है. वहीं, बांग्लादेश में विकास परियोजनाओं के लिए आवंटन घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह दोनों देशों के साथ मौजूदा रिश्तों में तनाव को दर्शाता है. भारत के करीबी विकास साझेदार भूटान को सरकार की बाहरी सहायता में इस बार सबसे बड़ा हिस्सा मिला है. 2026-27 के बजट में भूटान के लिए 2,288 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो 2025-26 के 2,150 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है.

बजट 2026-27 में विदेश मंत्रालय के लिए 22,119 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह 2025-26 में मिले 20,517 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है. विदेश मंत्रालय के बजट में विदेशों में विकास परियोजनाओं के लिए 6,998 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो मंत्रालय के कुल बजट का करीब एक-तिहाई है. यह राशि पिछले साल के 6,750 करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा है.

चाबहार पोर्ट का क्या हुआ?

2025-26 में चाबहार पोर्ट के लिए 100 करोड़ से बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये किए गए थे, लेकिन 2026-27 के बजट में इसका आवंटन पूरी तरह शून्य कर दिया गया है. ट्रंप प्रशासन ने 2025 में चाबहार पोर्ट को अमेरिकी प्रतिबंधों से छह महीने की छूट दी थी, जो अब केवल अप्रैल तक ही मान्य है.

क्रमदेश2024-25 (वास्तविक)2025-26 (संशोधित)2026-27 (बजट)
1अफगानिस्तान42.43100.00150.00
2बांग्लादेश59.15120.0060.00
3भूटान2485.082150.002288.56
4नेपाल701.62700.00800.00
5श्रीलंका317.41300.00400.00
6मालदीव480.26600.00550.00
7मंगोलिया8.295.0025.00
8अन्य विकासशील देश77.91150.0080.00
9अफ्रीकी देश201.83225.00225.00
10यूरेशियाई देश24.1340.0038.00
11लैटिन अमेरिकी देश91.6060.00120.00
12मॉरीशस580.10500.00550.00
13सेशेल्स28.8319.0019.00
14म्यांमार410.82350.00300.00
बजट 2026 में विदेशों को क्या मिला?

बांग्लादेश से तनाव का असर बजट में दिखा

बांग्लादेश के लिए विकास साझेदारी का बजट 2025-26 के 120 करोड़ रुपये से घटाकर 2026-27 में 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है. ढाका की अंतरिम सरकार के दौर में भारत-बांग्लादेश रिश्तों में गिरावट आई है. भारत 12 फरवरी के आम चुनाव के बाद संबंधों को फिर से बेहतर करने की कोशिश करेगा.

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किस देश को कितना मिला बजट से?

अन्य देशों के लिए आवंटन में नेपाल को 800 करोड़ रुपये, मालदीव और मॉरीशस को 550-550 करोड़, श्रीलंका को 400 करोड़, अफ्रीकी देशों को 225 करोड़ और लैटिन अमेरिकी देशों को 120 करोड़ रुपये शामिल हैं. 

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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