[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National पूर्वी भारत में बिछेगा एम्स का जाल : प्रधानमंत्री

पूर्वी भारत में बिछेगा एम्स का जाल : प्रधानमंत्री

0
पूर्वी भारत में बिछेगा एम्स का जाल : प्रधानमंत्री

धनबाद :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सिंदरी खाद कारखाना पूर्वी भारत में अगली हरित क्रांति में सहायक होगा. 2014 लोक सभा चुनाव से पहले सिंदरी में खाद करखाना को फिर से शुरू करने का वादा किया था. आज इसके शिलान्यास के साथ ही यह संकल्प पूरा हो गया गया. सिंदरी के साथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और बिहार के बरौनी का कारखाना भी शुरू होगा. प्रधानमंत्री शुक्रवार को बलियापुर हवाई अड्डा मैदान में झारखंड की 27212 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास कर रहे थे.

एम्स का जाल बिछाने का काम शुरू किया है

आज देवघर में एम्स अस्पताल का शिलान्यास करने का सुअवसर मिला है. इलाज के लिए इधर के लोगों को दिल्ली जाना पड़ता है. गरीबों को परेशानी होती है. हमने पूर्वी भारत में एम्स का जाल बिछाने का काम आरंभ किया है. देवघर तीर्थ क्षेत्र भी है. बाबा भोलेनाथ की नगरी, शक्तिपीठ है. दूर-दूर से लोग यह आते हैं. यह पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो सकता है. यहां एयरपोर्ट की दिशा में काम कर रहे हैं. ‘हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में जाये’ यह मेरा सपना है. और यह सच भी हो रहा है. पिछले साल रेलवे की एसी से ज्यादा लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की.

मेरी रांची भी करे बड़े शहरों की बराबरी

रांची में घर-घर गैस कनेक्शन योजना का शिलान्यास करने का अवसर मिला है. झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और असम के करीब 70 जिलों में पाइप लाइन से गैस पहुंचाने की योजना है. टेक्नोलॉजी बदल रही है. क्या कारण है कि मेरा झारखंड पीछे रह जाये. हमारी कोशिश है कि बड़े शहरों की बराबरी मेरी रांची भी करने लग जाये. इस दिशा में पहला कदम उज्जवला था. दूसरा घर-घर गैस कनेक्शन. सीधे रसोई में गैस मिलेगी. तीसरा सोलर एनर्जी-ग्रीन एनर्जी. इस पर काम चल रहा है. सूरज की ऊर्जा से घरों में खाना पकेगा.

18 हजार घरों में बिजली पहुंचायी

2022 आजादी के 75वें साल पर कोई गरीब बिना घर का न हो, इस पर काम चल रहा है. देश ईमानदारी की राह पर चल रहा है. सामान्य इंसान भी ईमानदारी से जीता है. सरकार उनके साथ जो ईमानदारी से जीते हैं, ईमानदारी से जूझते हैं. झारखंड नयी ऊंचाई की ओर आगे बढ़ेगा.
हर गांव में बिजली पहुंचानी है. और तय समयसीमा के पहले 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी. पहले किसी को फुर्सत नहीं थी. गांवों में तार लग गया, खंभा पहुंच गया, पर बिजली नहीं. 30 प्रतिशत से अधिक घर ऐसे हैं जहां आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है. यह उन लोगों का पाप है. हमने तो घर-घर बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी उठायी है. सरकारी बाबू भी चौकन्ने रहते हैं कि मोदी ने कहा है तो करना होगा. एक दबाव रहता है. वे लोग भी यह देखने गांव जाते हैं कि मोदी जो कहा रहा है वह किया है या नहीं. इस बहाने लोग गांव जा रहे हैं. सौभाग्य योजना के तहत आगे भी बिजली पहुंचा कर दम लेंगे. जो लोग कहते हैं मोदी अमीरों के लिए काम करता है वे बतायें कि जिन 18 हजार घरों में बिजली पहुंचायी गयी है. वहां कौन अमीर लोग रहता है. अभी भी चार करोड़ घर ऐसे हैं जहां आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है. इसमें 32 लाख परिवार झारखंड में हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी बीड़ा उठाया है. हमें खुशी है.

सिंदरी-धनबाद में प्रगति की भारी संभावना

करीब 16 साल तक सिंदरी खाद कारखाना बंद रहा. आने वाले समय में यह चालू होगा. सिंदरी और धनबाद में प्रगति की भारी संभावना है. दोनों देश व झारखंड के विकास में एंकर की भूमिका निभा सकते हैं. जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने सिंदरी कारखाना का शिलान्यास किया था. बाद में बंद हो गया. पूर्वी भारत में यूरिया की कमी न हो, इसके लिए सिंदरी, बरौनी और गोरखपुर में खाद कारखाना खोले जा रहे हैं. यह हरित क्रांति में सहायक होगा. इन जगहों पर यूरिया पैदा होगा तो बाहर से लाने का खर्चा बचेगा.

यूरिया की चोरी रोकी

पहले यूरिया अमीरों की केमिकल फैक्ट्री में चला जाता था. इसकी वजह से किसानों को घंटों लाइन में खड़ा होने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पाता था. कई बार और कई जगहों पर उन्हें यूरिया के लिए लाठी भी खानी पड़ती थी लेकिन फिर भी उन्हें यूरिया नहीं मिलता था. लेकिन इसे रोकने के लिए यूरिया पर नीम के तेल की कोटिंग करवायी. इसकी वजह से अब इसका इस्तेमाल केमिकल प्लांट में नहीं हो पा रहा है. पिछले दो सालों से देश में कहीं भी किसानों ने खाद की कमी को लेकर आंदोलन नहीं किया है. मैं भ्रष्टाचार और बेईमानी के खिलाफ लड़ने वाला इंसान हूं.
इन योजनाओं का शिलान्यास : प्रधानमंत्री ने सिंदरी में 7000 करोड़ की लागत से हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) का खाद कारखाना, 1103 करोड़ की लागत से देवघर के देवीपुर में एम्स, 18668 करोड़ से पतरातू में सुपर थर्मल पावर प्लांट, 441 करोड़ से देवघर एयरपोर्ट का विस्तारीकरण और रांची में पाइप लाइन के जरिये गैस आपूर्ति सेवा का भी ऑनलाइन शिलान्यास किया.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel