[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Life and Style क्या आपके मन में भी आते हैं उल्टे-सीधे ख्याल? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कारण और समाधान

क्या आपके मन में भी आते हैं उल्टे-सीधे ख्याल? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कारण और समाधान

0
क्या आपके मन में भी आते हैं उल्टे-सीधे ख्याल? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कारण और समाधान
नकारात्मक विचारों से परेशान हैं? प्रेमानंद जी महाराज के ये वचन बदल देंगे सोच

Premanand Ji Maharaj Quotes: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि जब वे भजन, पूजा या ध्यान में बैठते हैं तो मन भटकने लगता है और अजीब-अजीब विचार आने लगते हैं. इस विषय पर प्रेमानंद जी महाराज ने बेहद सरल शब्दों में मन की प्रकृति और उससे पार पाने का मार्ग बताया है. उनके अनुसार आध्यात्मिक मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बाहरी दुनिया नहीं, बल्कि हमारा अपना मन होता है.

मन – आत्मा का चतुर मंत्री

महाराज जी मन की तुलना एक चतुर मंत्री से करते हैं और आत्मा को भोला राजा बताते हैं. यह मंत्री (मन) इंद्रियों के सुख की ओर भागता है और राजा (आत्मा) को भी उसी दिशा में ले जाने की कोशिश करता है. परिणामस्वरूप व्यक्ति सही-गलत जानते हुए भी कई बार भटक जाता है.

मन कभी सत्संग और भजन की प्रेरणा देता है, तो कभी अचानक सांसारिक इच्छाओं में उलझा देता है.

क्या साधना के समय आते हैं उल्टे-सीधे विचार? जानिए प्रेमानंद जी महाराज की सीख (Premanand Ji Maharaj Quotes)

Premanand Ji Maharaj Quotes
प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल वचन

प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि जब व्यक्ति नाम जप और साधना शुरू करता है तो मन विद्रोह करता है. बेचैनी, आलस्य, नकारात्मक विचार – ये सब मन की चालें हैं. लेकिन निरंतर अभ्यास से मन धीरे-धीरे वश में आने लगता है और विवेक (सही निर्णय लेने की शक्ति) जागृत होता है.

मन पर कैसे पाएं काबू?

  1. नियमित नाम जप करें.
  2. सत्संग सुनें.
  3. इंद्रियों पर संयम रखें.
  4. नकारात्मक विचारों से न घबराएं.

यह भी पढ़ें: हालात चाहे कितने ही मुश्किल हों, प्रेमानंद जी महाराज के विचार दिलाएंगे मन को सच्ची शांति

यह भी पढें: प्रेमानंद जी महाराज से जानें मोह से छुटकारा पाने का सबसे आसान उपाय

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel