शादी करके भी साथ क्यों नहीं रहे आशा भोसले और आरडी बर्मन? इस वजह से अलग घरों में बिताई जिंदगी

क्या आपको पता है कि आर.डी. बर्मन और आशा भोसले की शादी के बाद भी दोनों कभी एक साथ एक ही घर में नहीं रहे? दोनों ने संगीत के जरिए एक मजबूत रिश्ता बनाया, लेकिन अपनी-अपनी जिंदगी अलग तरीके से जी.

By Divya Keshri | June 28, 2026 11:17 AM

भारतीय संगीत की दुनिया में आशा भोसले और आर.डी. बर्मन की जोड़ी बहुत खास मानी जाती है. आर.डी. बर्मन ने पहली बार आशा भोसले को एक फैन की तरह देखा था. वह उनके पास ऑटोग्राफ लेने के लिए दौड़े थे. उस समय आशा उनसे छह साल बड़ी थीं और वह खुद उनकी गायकी के बड़े फैन थे. धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती में बदल गया. दोनों ने कई सालों तक मजबूत दोस्ती निभाई और बाद में साल 1979 में शादी करने का फैसला लिया.

‘हमने आपसी सहमति से तय किया’

आशा भोसले ने 1993 में फिल्मफेयर के साथ एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके बच्चे उनकी पूरी जिंदगी हैं. उन्होंने कहा था, “जब पंचम दा और मैंने शादी करने का फैसला किया, तो हमने आपसी सहमति से तय किया कि हम दिन में साथ रहेंगे, शाम को पार्टी या बाहर जाएंगे, लेकिन रात में मैं अपने बच्चों के पास घर लौट जाऊंगी और वह अपने अपार्टमेंट में रहेंगे. हमने कभी एक साथ रात नहीं बिताई.” उन्होंने आगे कहा था कि वह अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ सकती थीं, क्योंकि वह उनके लिए मां और पिता दोनों थीं. इस बात को लोग थोड़ा अलग और अजीब मानते थे. उनके आसपास कुछ ऐसे लोग भी थे जो हमेशा हां में हां मिलाते थे और कभी-कभी बातों को गलत तरीके से समझकर अफवाहें भी फैलाते थे. इसी वजह से बहुत लोगों ने उनके इस फैसले को गलत समझ लिया.

Rd burman asha bhosle, photo- instagram

संगीत ही बना उनके रिश्ते की असली ताकत

आर.डी. बर्मन और आशा भोसले के रिश्ते की नींव संगीत था. दोनों घंटों साथ बैठकर संगीत सुनते थे. 1993 में मृत्युंजय कुमार झा के साथ बातचीत में पंचम दा ने कहा था कि उन्हें प्यार होने से पहले ही दोनों के बीच संगीत को लेकर गहरा जुड़ाव था. आशा ने कहा था, “हमारा रिश्ता संगीत से बना और फिर शादी में बदल गया. उन्हें पता था मैं कौन हूं और मुझे पता था वह कौन हैं. सुर का नाता है हमारा.”

पंचम दा का प्यार जताने का अनोखा तरीका

जब पंचम दा, आशा भोसले को पसंद करने लगे, तो वह हर दिन उन्हें नाम बताए बिना फूल भेजते थे. वह उनकी गायकी की बहुत तारीफ भी करते थे. लेकिन आशा भोसले इस बात को लेकर थोड़ी सतर्क थीं. आशा भोसले ने एक बार पीटीआई को बताया था, “मुझे उनकी तारीफ सुनकर अच्छा लगता था, लेकिन मैं दोबारा शादी करने की गलती नहीं करना चाहती थी. वह कई सालों तक मुझे शादी के लिए मनाते रहे. बहुत समझाने के बाद उन्होंने मुझे यकीन दिलाया कि उन्हें मुझसे प्यार नहीं, बल्कि मेरी आवाज से प्यार हो गया है. मेरी आवाज उन्हें बहुत आकर्षित करती थी.”

Asha bhosle, photo- instagram

शादी के बावजूद क्यों नहीं थीं तस्वीरें?

उनकी शादी बेहद निजी और कम लोगों के बीच हुई थी. पंचम दा के करीबी दोस्त बादल भट्टाचार्य उस समारोह में मौजूद थे. उनकी पत्नी मिली ने लेखक अनिरुद्ध भट्टाचार्य और बालाजी विट्ठल की किताब “आर.डी. बर्मन: द मैन, द म्यूजिक” में बताया कि यह शादी जानबूझकर बहुत सादगी से की गई थी ताकि किसी तरह का विवाद न हो.

उन्होंने यह भी कहा कि लोग पंचम दा की मां मीरा देव बर्मन को लेकर भी सावधान थे, क्योंकि वह शायद इस शादी का विरोध करती. इसकी वजह यह थी कि आशा भोसले एक विधवा थी और उम्र में पंचम दा से छह साल बड़ी थीं. पंचम दा के सहायक सपन चक्रवर्ती भी वहां मौजूद थे. वह फोटो खींचते रहे, लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला कि कैमरे से फिल्म रोल पहले ही निकाल दिया गया था.

लेखक सचिन भौमिक ने उनकी शादी को लेकर क्या कहा?

लेखक सचिन भौमिक ने उनकी शादी को लेकर अलग राय रखी. उन्होंने कहा कि दोनों की कोई आधिकारिक शादी हुई ही नहीं थी. उनके अनुसार, पंचम दा ने खुद उन्हें बताया था कि पारंपरिक शादी जैसी कोई रस्म नहीं हुई थी.“आर.डी. बर्मन: द मैन, द म्यूजिक” में उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से पंचम ने मुझसे कहा था कि कोई शादी नहीं हुई थी. आशा उन्हें एक रात दार्जिलिंग के मंदिर ले गई थीं, जब वह नशे में थे. वहां सिर्फ माला बदली गई थी. न कोई फोटो है, न कोई रजिस्ट्रेशन.”

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