[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Education समर वेकेशन बना सकते हैं प्रोडक्टिव, बच्चों को सिखाएं ये जरूरी स्किल्स

समर वेकेशन बना सकते हैं प्रोडक्टिव, बच्चों को सिखाएं ये जरूरी स्किल्स

0
समर वेकेशन बना सकते हैं प्रोडक्टिव, बच्चों को सिखाएं ये जरूरी स्किल्स
एक्टिविटी करते हुए एक बच्चा (PC-Freepik)

Summer Vacation Skills for Kids: गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और बच्चों के लिए यह समय सिर्फ खेलने-कूदने का ही नहीं, बल्कि नई स्किल्स सीखने का भी बेहतरीन मौका होता है. अगर इस समय का सही इस्तेमाल किया जाए तो बच्चे न सिर्फ कुछ नया सीख सकते हैं, बल्कि उनका कॉन्फिडेंस और क्रिएटिविटी भी बढ़ती है.

कम्युनिकेशन स्किल्स पर दें जोर

सबसे पहले बच्चों को कम्युनिकेशन स्किल्स सिखाना जरूरी है. इसके लिए उन्हें स्टोरीटेलिंग, पब्लिक स्पीकिंग या डिबेट जैसी एक्टिविटी में शामिल किया जा सकता है. इससे उनकी बोलने और सोचने की क्षमता बेहतर होती है.

डिजिटल लर्निंग भी है जरूरी

दूसरी अहम स्किल है डिजिटल लर्निंग. आज के समय में बेसिक कंप्यूटर, कोडिंग या ग्राफिक डिजाइनिंग जैसी स्किल्स बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं. इससे वे टेक्नोलॉजी को सही तरीके से समझ पाते हैं.

क्रिएटिव स्किल्स को करें मजबूत

इसके अलावा क्रिएटिव स्किल्स पर भी ध्यान देना चाहिए. पेंटिंग, म्यूजिक, डांस या क्राफ्ट जैसी गतिविधियां बच्चों की कल्पनाशक्ति को बढ़ाती हैं और उन्हें एक्सप्रेस करने का मौका देती हैं.

लाइफ स्किल्स से होगा व्यक्तित्व विकास

लाइफ स्किल्स भी उतनी ही जरूरी हैं. बच्चों को टाइम मैनेजमेंट, बेसिक कुकिंग, साफ-सफाई और छोटी-छोटी जिम्मेदारियां सिखाना उनके व्यक्तित्व विकास में मदद करता है.

फिजिकल एक्टिविटी को न करें नजरअंदाज

फिजिकल एक्टिविटी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. स्विमिंग, योग, साइक्लिंग या किसी स्पोर्ट्स में भाग लेने से बच्चे फिट रहते हैं और टीमवर्क सीखते हैं.

रुचि के अनुसार स्किल चुनने दें

एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार स्किल चुनने दें, ताकि वे उसे खुशी-खुशी सीख सकें. साथ ही, स्क्रीन टाइम को सीमित रखना और आउटडोर एक्टिविटी को बढ़ावा देना जरूरी है.

यह भी पढ़ें- 10वीं पास को मिलती है ये 5 सरकारी नौकरियां, जानें कहां करें अप्लाई

Previous article शहर में जगह-जगह अवैध ऑटो स्टैंड, नप प्रशासन उदासीन
Next article जर्जर सड़क पर जलजमाव से आवागमन हुआ मुश्किल
Avatar Of Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel