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Home Education success-story मुंगेर की बेटी 22 की उम्र में बनी IPS, उर्मी ने पहले प्रयास में UPSC में गाड़ा झंडा

मुंगेर की बेटी 22 की उम्र में बनी IPS, उर्मी ने पहले प्रयास में UPSC में गाड़ा झंडा

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मुंगेर की बेटी 22 की उम्र में बनी IPS, उर्मी ने पहले प्रयास में UPSC में गाड़ा झंडा
Success Story: IPS Urmi Sinha (Image: Instagram)

IPS Urmi Sinha Success Story: सिविल सर्विस की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. कई लोग सालों की मेहनत और कई अटेम्प्ट के बाद जाकर रैंक हासिल कर पाते हैं. लेकिन बिहार के मुंगेर की उर्मी सिन्हा (IPS Urmi Sinha) ने दिखा दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी मंजिल बड़ी नहीं होती. सिर्फ 22 साल की उम्र में उर्मी ने पहले ही प्रयास में UPSC को क्रैक कर IPS बनने का सपना पूरा कर लिया.

IPS Urmi Sinha Success Story: कौन हैं उर्मी सिन्हा?

उर्मी का जन्म और शुरुआती जिंदगी भले ही हावड़ा में बीती हो, लेकिन उनके अंदर बिहार की मिट्टी की मेहनत और जिद दोनों थीं. उर्मी के पिता डॉ रंजीत सिन्हा हावड़ा के जाने-माने चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं और उनकी मां भी हमेशा पढ़ाई को लेकर बेहद सख्त और सपोर्टिव रहीं.

उर्मी की स्कू्लिंग हावड़ा में ही हुई और शुरू से ही पढ़ाई में उनका मन काफी तेज था. परिवार का पुश्तैनी घर मुंगेर के हवेली खड़गपुर के मारवाड़ी टोला में है, जहां आज भी उनके रिश्तेदार रहते हैं. उर्मी जब भी यहां आती थीं, तो लोग उनकी पढ़ाई और आगे बढ़ने की लगन से काफी प्रभावित होते थे.

BA पॉलिटिकल साइंस की डिग्री

स्कूल खत्म होने के बाद उर्मी ने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में BA किया. यहीं से उनके अंदर सिविल सर्विसेज को लेकर एक अलग ही जुनून आने लगा. ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने फैसला कर लिया था कि उन्हें UPSC की तैयारी करनी है.

पहले प्रयास में पास

UPSC जैसी परीक्षा में पहले प्रयास में ही सफलता मिलना बहुत बड़ी बात होती है. लेकिन उर्मी ने अपने मजबूत बेस और कड़ी मेहनत की बदौलत 170वां रैंक हासिल कर लिया. यह रैंक इतना शानदार था कि उन्हें सीधे IPS सेवा मिल गई. उर्मी की कहानी हर उस स्टूडेंट के लिए प्रेरणा है जो सोचता है कि UPSC बहुत मुश्किल है या इसे क्रैक करना आसान नहीं.

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रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.
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