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Home Education success-story 18 की उम्र में शादी, 17 साल बाद बनीं अफसर, कहानी ऐसी जो भावुक कर देगी

18 की उम्र में शादी, 17 साल बाद बनीं अफसर, कहानी ऐसी जो भावुक कर देगी

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18 की उम्र में शादी, 17 साल बाद बनीं अफसर, कहानी ऐसी जो भावुक कर देगी
DSP दुर्गा शक्ति (अपने पति और बेटे के साथ)

BPSC Success Story: सरकारी अफसर बनना कोई बड़ी बात नहीं हैं, हां थोड़ा कठिन जरूर है. लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि छोटी उम्र में शादी और पढ़ाई-लिखाई से नाता ही टूट गया हो फिर शादी के 17 साल बाद कड़ी मेहनत के दम पर अफसर बनना. ऐसी कहानियां हमारे बीच मौजूद हैं. हम बात कर रहे हैं DSP दुर्गा शक्ति की. आइए, जानते हैं संघर्ष से लेकर सक्सेस तक उनकी कहानी.

BPSC Success Story: 12वीं के बाद दादा के इच्छा पूरी करने के लिए हुई शादी

दुर्गा शक्ति बचपन से ही कुछ अच्छा करना चाहती थीं. लेकिन 12वीं के बाद ही उनकी शादी कर दी गई. उनके दादा अपने जीवनकाल में उनका कन्यादान करना चाहते थे. ऐसे में 2002 में दुर्गा शक्ति की शादी कर दी गई है और उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई.

BPSC Success Story: शादी और बच्चे की जिम्मेदारी में खुद को भूल गईं दुर्गा

शादी के कुछ साल बाद 2005 में उनके बेटे का जन्म हो गया. बेटे और घर की पूरी जिम्मेदारी संभालते-संभालते दुर्गा शक्ति को अपने बारे में सोचने का वक्त ही नहीं मिला. ऐसे में पढ़ाई पूरी करने का तो सवाल ही नहीं बनता.

DSP Durga Shakti: पति से मिली प्रेरणा

दुर्गा शक्ति के पति आनंद अशोक पेशे से शिक्षक हैं. साथ ही वे सरकारी नौकरी जैसे कि BPSC की तैयारी किया करते थे. लेकिन बार-बार असफल हो जा रहे थे. ऐसे में उन्होंने बीवी यानी कि दुर्गा शक्ति को पढ़ाने का फैसला लिया. पति और बेटे के बार-बार बोलने पर हिम्मत करके दुर्गा शक्ति ने तैयारी शुरू की. उन्होंने बीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की.

BPSC Success Story: पहले प्रयास में पाई सफलता

BPSC CCE 60वीं का रिजल्ट जब आया तो उसमें दुर्गा शक्ति का सेलेक्शन हो गया. उन्होंने 28वीं रैंक के साथ ये सफलता हासिल की थी. दिलचस्प बात ये है कि अपनी शादी के 17 साल बाद दुर्गा शक्ति ने पढ़ाई शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में सक्सेस का स्वाद चखा. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि किस तरह उनके पति और बेटे ने उनकी तैयारी में मदद की थी. पति उनकी कॉपी चेक करते थे, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे. वहीं उनका बेटा भी उन्हें बहुत सपोर्ट करता था.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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