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Home Education क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस? जानिए इस बार की थीम  

क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस? जानिए इस बार की थीम  

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क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस? जानिए इस बार की थीम  
International Womens Day 2026 Theme

International Womens Day 2026 Theme: आज की महिला केवल एक रिश्ते तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर फील्ड में अहम योगदान दे रही हैं फिर चाहे वो बैंक, अस्पताल या स्कूल हो या फिर अंतरिक्ष या सेना. हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस मौके पर महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों का सम्मान किया जाता है. साथ ही यह दिन हमें याद दिलाता है कि महिलाएं समाज के लिए कितनी अहम भूमिका निभाती हैं.

कैसे हुई अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत?

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी के शुरुआती दौर में उत्तरी अमेरिका और यूरोप के श्रमिक आंदोलनों से जुड़ी हुई है. वर्ष 1977 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी. 8 मार्च की तारीख का संबंध 1917 की उस ऐतिहासिक घटना से है जब रूस की महिलाओं ने “रोटी और शांति” की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी. उस समय यह आंदोलन जूलियन कैलेंडर के अनुसार 23 फरवरी को शुरू हुआ था, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 8 मार्च बनता है.

क्या है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम?

साल 2026 के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “अधिकार और न्याय के साथ हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम” पर आधारित है. दुनिया भर में चलाया जा रहा “गिव टू गेन” अभियान यह बताता है कि महिलाओं की बराबरी के लिए आपसी सहयोग और एक-दूसरे की मदद कितनी जरूरी है. यह थीम सिर्फ एक सोच नहीं है, बल्कि महिलाओं के अधिकार मजबूत करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सही कदम उठाने का संदेश देती है.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की वैश्विक कैंपेन थीम “गिव टू गेन” इस बात पर जोर देती है कि जब हम महिलाओं के सपनों और उनकी प्रगति में सहयोग करते हैं तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता. इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है, समुदाय मजबूत होते हैं और एक ऐसा वातावरण बनता है जहां सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध हों.

इस दिन कई सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं

महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियां, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन कार्यक्रमों में महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा की जाती है और उनके कल्याण के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी की जाती है.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
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