Muthoot Finance Q3 Results: गोल्ड लोन देने वाली मशहूर कंपनी मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) के निवेशकों के लिए 13 फरवरी का दिन काफी उथल-पुथल भरा रहा है. कंपनी के शेयर 12% से ज्यादा टूट गए, जो पिछले साढ़े तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट है. दोपहर के कारोबार में शेयर 11.2% गिरकर 3,610 रुपये पर आ गए. हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपना मुनाफा लगभग दोगुना (2,656 करोड़ रुपये) होने की जानकारी दी थी.
क्या यह मुनाफा सिर्फ दिखावा है?
बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी के मुनाफे में जो भारी उछाल दिखा है, उसका बड़ा हिस्सा लोन रिकवरी से आया है. आसान भाषा में कहें तो, जो पुराने कर्ज फंसे हुए थे, उनकी वसूली से करीब 640 करोड़ रुपये मिले है. जानकारों के मुताबिक, यह कमाई बार-बार नहीं होने वाली है. अगर इसे हटा दिया जाए, तो कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक ही रहा है.
ग्राहकों की संख्या क्यों घट रही है?
इतने अच्छे नतीजों के बावजूद निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण ग्राहकों की घटती संख्या है. जेफरीज (Jefferies) जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्म्स ने बताया कि कंपनी के एक्टिव कस्टमर्स में 1% की कमी आई है. साथ ही, कंपनी का कोर मार्जिन (असली कमाई का अंतर) भी कम हुआ है. सोना महंगा होने की वजह से लोग अब कम मात्रा में गोल्ड लोन ले रहे हैं.
सोने की कीमतों का क्या असर हुआ?
सिर्फ कंपनी के अंदरूनी कारण ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट भी इस गिरावट की वजह बना है. 12 फरवरी को सोने की कीमतों में 3% की बड़ी गिरावट आई और यह 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया. अमेरिका में मजबूत रोजगार के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि ब्याज दरें अभी कम नहीं होंगी, जिससे सोने की चमक कम हो गई. इसका असर मुथूट के साथ-साथ मणप्पुरम फाइनेंस और IIFL फाइनेंस के शेयरों पर भी दिखा है.
आगे क्या उम्मीद की जाए?
फिलहाल निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है. जून में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है, जिससे सोने की मांग फिर बढ़ सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुथूट के लिए इस रिकॉर्ड मुनाफे को बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती होगी.
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