Fact Check : सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर इन दिनों एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के पुराने नोट बंद कर दिए जाएंगे. इस खबर ने आम जनता के मन में डर पैदा कर दिया है कि कहीं उनके पास रखे पैसे बेकार तो नहीं हो जाएंगे. यदि आप भी इस खबर को लेकर असमंजस में हैं, तो यह लेख आपके लिए है. आइए, इस दावे का पूरा सच और सरकार की आधिकारिक स्थिति को समझते हैं.
क्या है वायरल पोस्ट का सच?
सोशल मीडिया पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लोगो का इस्तेमाल करके एक पोस्टर शेयर किया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि आरबीआई ने पुराने नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला किया है.
वास्तविकता यह है कि यह पूरी तरह से नकली (Fake) खबर है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल दावे का ‘फैक्ट चेक’ किया है. PIB के अनुसार, सरकार या आरबीआई की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी ऐसी किसी आधिकारिक सूचना को जारी करने से साफ इनकार किया है.
🚨Do not fall for fake news!
— PIB India (@PIB_India) June 27, 2026
A notice allegedly issued by Bank of Maharashtra is being shared online, falsely stating that, as per RBI directives, ₹10, ₹20, ₹50, and ₹100 banknotes printed before 2005 will not be accepted from July 1, 2026#PIBFactCheck: ❌ This claim is… https://t.co/mF7fdyQWvm
RBI के पुराने नोटों पर नियम क्या हैं?
अक्सर लोग पुराने नोटों की वैधता को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर पुराने नोटों को सिस्टम से हटाता है, लेकिन इसे ‘नोटबंदी’ नहीं कहा जा सकता. वर्तमान में आपके पास मौजूद ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के सभी नोट पूरी तरह से वैध (Legal Tender) हैं. कई साल पहले आरबीआई ने 2005 से पहले छपे नोटों को धीरे-धीरे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन वे अभी भी बैंकों में बदले जा सकते हैं. उनका वैध होना खत्म नहीं हुआ है, बस बैंक उन्हें वापस जमा करवाकर नए नोट जारी करते हैं.
ऐसी अफवाहें क्यों फैलती हैं?
सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें अक्सर ‘क्लिकबेट’ (Clickbait) पाने के लिए फैलाई जाती हैं. इसका असर यह होता है.
लोग बिना सोचे-समझे अपने पास जमा कैश को बदलने के लिए बैंकों की ओर भागने लगते हैं.
दुकानदार कई बार भ्रम के कारण पुराने दिखने वाले नोट लेने से मना कर देते हैं, जो कि गलत है.
ऐसी खबरों के साथ कई बार फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिनसे आपकी निजी जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है.
निवेशकों और आम नागरिकों के लिए सलाह
अगर आप ऐसी कोई खबर देखते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें.
- आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: आरबीआई (rbi.org.in) या पीआईबी फैक्ट चेक (pib.gov.in) की वेबसाइट ही सही जानकारी देती हैं.
- बैंक पर जाकर पूछें: यदि आपको किसी नोट की वैधता पर संदेह है, तो बैंक शाखा जाकर पूछें, न कि सोशल मीडिया की सुनी-सुनाई बातों पर.
- नोट न बदलें: बिना किसी आधिकारिक सरकारी आदेश के अपने नोटों को किसी भी अनौपचारिक स्थान पर न बदलें.
Also Read : US-ईरान तनाव के बीच संभला कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट क्रूड 73.39 डॉलर पर पहुंचा
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.
