[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़े तो लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए देना पड़ सकता है ड्राइविंग टेस्ट

बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़े तो लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए देना पड़ सकता है ड्राइविंग टेस्ट

0
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़े तो लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए देना पड़ सकता है ड्राइविंग टेस्ट

Driving Licence Rules : अगर आप बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं और अक्सर आपका चालान कटता है, तो आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रिन्यू कराना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. केंद्र सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव की तैयारी कर रही है.

प्रस्ताव के मुताबिक, जिन वाहन चालकों का ट्रैफिक रिकॉर्ड खराब होगा, उन्हें लाइसेंस रिन्यू कराने से पहले दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है. सरकार का उद्देश्य केवल जुर्माना बढ़ाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना और लापरवाह ड्राइविंग पर प्रभावी रोक लगाना है.

क्या बदल सकता है ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल का नियम?

मौजूदा नियमों के तहत यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस निर्धारित वैधता अवधि के भीतर है और एक साल से अधिक समय तक एक्सपायर नहीं हुआ है, तो सामान्य परिस्थितियों में बिना ड्राइविंग टेस्ट के उसका रिन्यूअल हो जाता है. लेकिन प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद यह सुविधा सभी के लिए समान नहीं रह सकती. सरकार लाइसेंस धारकों को उनके ट्रैफिक रिकॉर्ड के आधार पर दो श्रेणियों में बांट सकती है.

  • अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड: जिनका चालान कम या नहीं के बराबर है और जो नियमित रूप से ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं.
  • खराब ट्रैक रिकॉर्ड: जिनके खिलाफ बार-बार चालान, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग या गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज हैं.

दूसरी श्रेणी के लोगों को लाइसेंस रिन्यू कराने से पहले ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है.

सरकार ऐसा कदम क्यों उठाना चाहती है?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लापरवाही, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन प्रमुख कारण होते हैं. सरकार का मानना है कि केवल चालान या जुर्माना लगाने से समस्या पूरी तरह हल नहीं होती. यदि बार-बार नियम तोड़ने वालों की ड्राइविंग क्षमता की दोबारा जांच की जाए, तो सड़क सुरक्षा बेहतर हो सकती है और दुर्घटनाओं की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है.

मोटर व्हीकल एक्ट में और कौन-कौन से बदलाव प्रस्तावित हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्यों और संबंधित मंत्रालयों से चर्चा के बाद कई अहम संशोधन तैयार किए हैं. इन्हें जल्द संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है. प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं.

  • खराब ट्रैफिक रिकॉर्ड वाले चालकों के लिए ड्राइविंग टेस्ट.
  • बिना बीमा वाले वाहनों पर सख्ती.
  • थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने की व्यवस्था में बदलाव.
  • सड़क दुर्घटना पीड़ितों को जल्द अंतरिम राहत देने की व्यवस्था.

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को क्या राहत मिल सकती है?

सरकार केवल ट्रैफिक नियमों पर सख्ती ही नहीं, बल्कि सड़क हादसों के पीड़ितों को जल्दी राहत देने की दिशा में भी बदलाव करना चाहती है. प्रस्ताव के अनुसार, मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) को अंतरिम मुआवजा देने का अधिकार मिल सकता है.

इससे गंभीर रूप से घायल लोगों या मृतकों के परिवारों को अंतिम फैसले का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा, यदि कोई बीमा कंपनी या दोषी पक्ष ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती देता है, तो उसे पहले बड़ी राशि जमा करनी पड़ सकती है.

वर्तमान नियमप्रस्तावित बदलाव
25,000 रुपये या तय मुआवजे का 50%10 लाख रुपये या तय मुआवजे का 50%, जो भी कम हो

इसका उद्देश्य पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है.

किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

यदि यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो इसका सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो.

  • बार-बार ट्रैफिक चालान कटवाते हैं.
  • ओवरस्पीडिंग करते हैं.
  • खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हैं.
  • बार-बार सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हैं.
  • बिना बीमा वाले वाहन चलाते हैं.

वहीं नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों के लिए लाइसेंस रिन्यूअल प्रक्रिया में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

वाहन चालकों को अभी क्या करना चाहिए?

फिलहाल यह केवल प्रस्तावित बदलाव है और अभी लागू नहीं हुआ है. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि भविष्य की तैयारी के लिए अभी से ट्रैफिक नियमों का पालन करना समझदारी होगी.

  • ट्रैफिक नियमों का पालन करें.
  • समय पर चालान का भुगतान करें.
  • वाहन का इंश्योरेंस और दस्तावेज अपडेट रखें.
  • ओवरस्पीडिंग और खतरनाक ड्राइविंग से बचें.
  • लाइसेंस की वैधता समय-समय पर जांचते रहें.

Also Read : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए यह डॉक्यूमेंट्स हुए जरूरी, घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article बारिश में मच्छरों ने कर रखा है जीना मुश्किल? घर पर मौजूद ये 3 सस्ती चीजें बिना धुएं के कर देंगी कमाल
Next article गया जी: थाना से 500 मीटर दूर दो बंद घरों में चोरी मामले में केस दर्ज,जांच में जुटी पुलिस
Avatar Of Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 4 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel