[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Business Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें

Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें

0
Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें
सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने के दिए आदेश

Crude Oil Crisis: दुनियाभर में मची हलचल और खाड़ी देशों (West Asia) में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. आम आदमी की रसोई पर महंगाई या गैस की कमी की मार न पड़े, इसके लिए सरकार ने पेट्रोलियम रिफाइनरियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं.

सिर्फ रसोई गैस बनाने पर जोर

इंडिया टूडे के एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने तेल रिफाइनरियों (Oil Refineries) को साफ कहा है कि वे अपनी क्षमता का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा LPG (Liquefied Petroleum Gas) बनाने में करें. आमतौर पर रिफाइनरी गैस के साथ-साथ अन्य केमिकल भी बनाती हैं, लेकिन अभी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ घरेलू कुकिंग गैस को दी जाएगी.

पेट्रोकेमिकल के लिए नो एंट्री

LPG मुख्य रूप से प्रोपेन (Propane) और ब्यूटेन (Butane) के मिश्रण से बनती है. कई बार कंपनियां इन गैसों का इस्तेमाल प्लास्टिक या अन्य पेट्रोकेमिकल बनाने के लिए कर लेती हैं. सरकार ने अब इस पर रोक लगा दी है. आदेश के मुताबिक, अब इन गैसों को औद्योगिक इस्तेमाल के बजाय सीधे रसोई गैस बनाने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.

सरकारी कंपनियों को ही बेचना होगा स्टॉक

प्राइवेट और सरकारी, सभी रिफाइनरियों को यह आदेश दिया गया है कि वे अपना बनाया हुआ सारा LPG स्टॉक केवल तीन सरकारी कंपनियों को ही बेचें.

  • Indian Oil (IOC)
  • Bharat Petroleum (BPCL)
  • Hindustan Petroleum (HPCL)

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में रहे और कालाबाजारी या कमी की गुंजाइश न रहे.

क्यों पड़ी इस फैसले की जरूरत ?

  • विदेशी तनाव: मध्य-पूर्व (West Asia) में तनाव बढ़ रहा है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री रास्ते, जहां से भारत का काफी तेल और गैस आता है, वहां युद्ध जैसे हालात होने पर सप्लाई रुकने का खतरा रहता है.
  • आयात पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG दूसरे देशों से खरीदता है. अगर दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ती हैं या सप्लाई बाधित होती है, तो भारत में किल्लत हो सकती है.
  • बढ़ती मांग: उज्ज्वला योजना के बाद देश के करोड़ों नए घरों में सिलेंडर पहुंच चुके हैं. आज LPG कोई लग्जरी नहीं, बल्कि आम आदमी की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 तक भारत की पेट्रोलियम खपत 250 मिलियन टन तक पहुंच सकती है.

Also Read: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी सस्ता, जानें 6 मार्च के ताजा भाव

Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

Previous article कम समय में बनाएं टेस्टी दूध सेव भाजी, सुवर्णा बागुल स्टाइल में 
Next article 3 चीजों से तैयार करें कंडेंस्ड मिल्क, शेफ आनल कोटक ने शेयर की रेसिपी
Avatar Of Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 4 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel