8th Pay Commission Deadline Extension: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने अपनी मांगों और सुझावों को दर्ज कराने की समय सीमा को अब एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. पहले इसकी आखिरी तारीख 30 अप्रैल थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है.
बुधवार, 29 अप्रैल को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अब स्टेकहोल्डर्स के पास अपनी बात रखने के लिए पूरा एक महीना और होगा.
क्या है आवेदन की नई डेडलाइन?
CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर साफ किया है कि अब मेमोरेंडम और रिप्रेजेंटेशन जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई (रविवार) होगी. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल पर भारी ट्रैफिक की वजह से कई तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं. कर्मचारियों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही थी कि पोर्टल सही से काम नहीं कर रहा, इसलिए समय बढ़ाया जाए. अब इस विस्तार के बाद ज्यादा से ज्यादा लोग और संगठन अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे.
आवेदन करने का सही तरीका क्या है?
आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी सुझाव केवल आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा. अगर आप सोच रहे हैं कि ईमेल करके या कागज पर लिखकर अपनी बात भेज देंगे, तो वह सीधे खारज कर दी जाएगी. आयोग ने स्पष्ट कहा है कि:
- कोई भी हार्ड कॉपी (कागज पर लिखित) स्वीकार नहीं होगी.
- PDF फाइल या ईमेल के जरिए भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे.
- सिर्फ पोर्टल पर दिए गए लिंक का ही इस्तेमाल करें.
किसको मिलेगा अपनी बात रखने का मौका?
इस प्रक्रिया में केवल वर्तमान कर्मचारी ही नहीं, बल्कि एक बड़ा वर्ग शामिल है. इसमें केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी, थल सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान, केंद्र शासित प्रदेशों (UT) के कर्मचारी और पेंशनभोगी शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न सरकारी संगठन, यूनियन और सर्विस एसोसिएशन भी अपनी सिफारिशें भेज सकते हैं. ध्यान रहे कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कर्मचारी इस दायरे में नहीं आते.
कब तक आएगी आयोग की फाइनल रिपोर्ट?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था. इसका मुख्य काम कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. फिलहाल दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल के बीच अहम बैठकें चल रही हैं. 29 अप्रैल को नेशनल काउंसिल जेसीएम (NCJCM) के साथ हुई चर्चा में कर्मचारियों की वेतन संरचना और सर्विस कंडीशन पर विस्तार से बात की गई है. संभव है कि आयोग जरूरत पड़ने पर बीच में कोई अंतरिम रिपोर्ट भी पेश करें.
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