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Home Automobile बाइक की तरह स्कूटर में क्यों नहीं होते गियर? जान लें इसके पीछे की वजह

बाइक की तरह स्कूटर में क्यों नहीं होते गियर? जान लें इसके पीछे की वजह

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बाइक की तरह स्कूटर में क्यों नहीं होते गियर? जान लें इसके पीछे की वजह
स्कूटर (Photo: wikipedia)

Why Dont Scooters Have Gears: इंडिया में स्कूटर को आमतौर पर लोग ‘स्कूटी’ ही कहते हैं. शहरों की सड़कों पर सबसे ज्यादा दिखने वाले टू-व्हीलर्स में से एक हैं. स्टूडेंट्स हों या ऑफिस जाने वाले लोग, रोजमर्रा के सफर के लिए बहुत से लोग इन्हें ही चुनते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि स्कूटी में बाइक की तरह गियर क्यों नहीं होते? आखिर इसकी वजह क्या है? इसका जवाब स्कूटी के डिजाइन, टेक्नोलॉजी और उसके इस्तेमाल के मकसद में छिपा है. आइए आपको डिटेल में बताते हैं.

CVT है बड़ी वजह 

आजकल ज्यादातर मॉडर्न स्कूटर्स में Continuously Variable Transmission (CVT) सिस्टम दिया जाता है. अब ये सुनने में थोड़ा टेक्निकल लग सकता है, लेकिन असल में काम बहुत आसान है. नॉर्मल मोटरसाइकिल की तरह इसमें आपको क्लच दबाकर गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. बाइक में जहां पैर से गियर शिफ्ट करना पड़ता है, वहीं CVT अपने आप स्पीड और एक्सीलरेटर के हिसाब से गियर रेशियो एडजस्ट कर लेता है. यानि राइडर को सिर्फ एक्सीलरेटर देना है और ब्रेक लगाना है. 

CVT सिस्टम बेल्ट और पुली मैकेनिज्म पर काम करता है, जो स्कूटर के स्पीड बढ़ाने या कम करने पर अपने आप स्मूद तरीके से एडजस्ट हो जाता है. इसी वजह से स्कूटर चलाना बेहद आसान हो जाता है.

शहर में चलाने में आसान होती है स्कूटी

स्कूटर असल में शहर की छोटी-छोटी दूरी के सफर को आसान बनाने के लिए ही बनाए जाते हैं. कंपनियां इनमें आराम, आसान राइडिंग और रोजमर्रा की जरूरतों का खास ध्यान रखती हैं. अब जब इनमें मैनुअल गियर नहीं होते, तो इन्हें चलाना काफी आसान हो जाता है. खासकर नए राइडर्स के लिए या उन लोगों के लिए जो क्लच और गियर के झंझट में नहीं पड़ना चाहते.

गियरलेस सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह भी है कि ट्रैफिक में थकान कम होती है. बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. इसलिए आपका ध्यान सड़क पर ज्यादा रहता है. 

स्कूटी का मेकानिज्म होता है सिंपल 

ज्यादातर स्कूटर्स में बाइक के मुकाबले छोटा इंजन दिया जाता है, जो आमतौर पर 100cc से 125cc के बीच ही होता है. ये इंजन हाई-स्पीड हाईवे राइड के लिए नहीं, बल्कि शहर में आरामदायक और स्मूथ चलाने के लिए बनाए जाते हैं. इसलिए इनके साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ज्यादा बेहतर बैठता है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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