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Home Automobile कार में एसी से ज्यादा तेल जलाती है खुली खिड़की, यहां समझें इसकी पूरी साइंस

कार में एसी से ज्यादा तेल जलाती है खुली खिड़की, यहां समझें इसकी पूरी साइंस

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कार में एसी से ज्यादा तेल जलाती है खुली खिड़की, यहां समझें इसकी पूरी साइंस
AC या खुली खिड़की: किससे ज्यादा पेट्रोल खर्च होता है / / सिंबॉलिक ai इमेज

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच हर ड्राइवर यही सोचता है कि गाड़ी से ज्यादा माइलेज कैसे निकाला जाए. अक्सर लोग मानते हैं कि AC चलाने से इंजन पर लोड पड़ता है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है, इसलिए खिड़कियां खोलकर चलना बेहतर है. लेकिन असली सच आपकी गाड़ी की स्पीड में छुपा है. गलत रफ्तार पर गलत फैसला आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.

शहर में ड्राइविंग: खिड़की खोलना फायदेमंद

अगर आप शहर के ट्रैफिक में 30-40 km/h की धीमी रफ्तार से चल रहे हैं, तो खिड़कियां खोलना सही विकल्प है. इस स्पीड पर हवा का दबाव (एयर ड्रैग) बहुत कम होता है और इंजन पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ता. वहीं AC चलाने पर कंप्रेसर इंजन से ज्यादा ताकत खींचता है, जिससे फ्यूल खपत बढ़ जाती है.

हाईवे पर सफर: खिड़की खोलना नुकसानदायक

जैसे ही स्पीड 60-80 km/h से ऊपर जाती है, खुली खिड़कियां कार के लिए ‘पैराशूट’ जैसी रुकावट पैदा करती हैं. हवा का दबाव (ड्रैग इफेक्ट) इंजन को ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करता है और फ्यूल तेजी से खत्म होता है. ऐसे में हाईवे पर AC चलाना ज्यादा समझदारी है क्योंकि बंद खिड़कियों से कार स्मूद चलती है और माइलेज बेहतर रहता है.

आंकड़ों का गणित समझें

  • शहर (40 km/h से कम): खिड़की खोलें, AC बंद रखें → फ्यूल बचत
  • हाईवे (80 km/h से ऊपर): खिड़की बंद करें, AC ऑन रखें → ड्रैग कम, स्मूद ड्राइव.

स्मार्ट ड्राइविंग टिप्स

  • स्पीड के हिसाब से खिड़की या AC का चुनाव करें
  • टायर प्रेशर सही रखें, इससे माइलेज बेहतर होता है
  • अचानक ब्रेक या तेज एक्सेलेरेशन से बचें, यह ईंधन की बर्बादी है.

ड्राइविंग स्पीड और एरोडायनामिक्स को समझें

कार का माइलेज बचाना सिर्फ AC और खिड़की का खेल नहीं है, बल्कि आपकी ड्राइविंग स्पीड और एरोडायनामिक्स को समझने पर निर्भर करता है. याद रखिए- शहर में हवा का आनंद लें, हाईवे पर AC का. सही समय पर सही फैसला ही आपकी जेब और गाड़ी दोनों को सुरक्षित रखेगा.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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