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Home World दुनिया भी है इस रम की मुरीद, 70 साल से बरकरार है स्वाद, भारत से है गहरा नाता

दुनिया भी है इस रम की मुरीद, 70 साल से बरकरार है स्वाद, भारत से है गहरा नाता

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दुनिया भी है इस रम की मुरीद, 70 साल से बरकरार है स्वाद, भारत से है गहरा नाता
दुनिया की सबसे पुरानी रम भारत में भी है प्रससिद्ध

World Oldest Rum: भारत की सबसे प्रतिष्ठित रम ‘ओल्ड मोंक’ सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के 50 से ज्यादा देशों में पसंद की जाती है. यूके, अमेरिका, रूस, जर्मनी, जापान, कनाडा, कीनिया, न्यूजीलैंड और यूएई जैसे देशों में इसके प्रशंसक हैं. इसकी खासियत सिर्फ इसके स्वाद में नहीं, बल्कि इस बात में भी है कि यह अक्सर हैंगओवर नहीं देता. यही वजह है कि इसे बार-बार पीने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कभी कमी नहीं आई.

कभी बंद होने की अफवाह, फैंस में मची थी हलचल

नेटवर्क 18 के रिपोर्ट के अनुसार करीब एक दशक पहले सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि ओल्ड मोंक का उत्पादन बंद होने जा रहा है. इससे इसके चाहने वालों में हलचल मच गई. कंपनी मोहन मीकिन लिमिटेड को सामने आकर सफाई देनी पड़ी कि ओल्ड मोंक का उत्पादन बंद नहीं किया जा रहा है. कुछ लोगों ने इसे मार्केटिंग की रणनीति बताया, लेकिन सच्चाई यह थी कि 2012 में कंपनी के चेयरमैन कपिल मोहन ने इसका प्रचार बंद करने का निर्णय लिया था. उन्होंने कहा था कि वे चाहते हैं कि यह ब्रांड अपने स्वाद और उपभोक्ताओं के मुंहजुबानी प्रचार से ही पहचाना जाए.

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नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी

‘ओल्ड मोंक’ नाम की उत्पत्ति को लेकर कई कयास हैं. एक थ्योरी के अनुसार, रम पुराने लकड़ी के बैरल्स में तैयार होती थी, जिन्हें कभी-कभी मठों (मोनैस्ट्रीज) में रखा जाता था. यही से इसका नाम पड़ा. वहीं कुछ का मानना है कि इसका गहरा और परिपक्व स्वाद किसी बुद्धिमान बुज़ुर्ग की तरह है.

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मदिरा की दुनिया में पेशकश

दिलचस्प बात यह है कि ब्रांड को लोकप्रिय बनाने वाले कपिल मोहन खुद शराब नहीं पीते थे. वे चाय पसंद करते थे और सेना से रिटायरमेंट के बाद बड़े भाई वेद रतन मोहन की मृत्यु के बाद पारिवारिक व्यवसाय संभाला. हालांकि ओल्ड मोंक 1960 के दशक में लॉन्च हुआ था, लेकिन इसे एक अलग पहचान कपिल मोहन के नेतृत्व में 1973 से मिली. साल 2000 तक यह दुनिया की सबसे अधिक बिकने वाली डार्क रम बन चुकी थी.

बिना विज्ञापन के बना भरोसे का ब्रांड (World Oldest Rum Old Monk in Hindi)

ओल्ड मोंक की पहचान सिर्फ उसके स्वाद में नहीं, बल्कि उसकी पैकेजिंग और लेबल डिजाइन में भी है, जो 1954 से आज तक लगभग वैसी ही है. इसके तीन प्रमुख वेरिएंट हैं ओरिजिनल XXX रम, सुप्रीम और गोल्ड रिजर्व, जिसमें 12 साल तक की उम्र वाली रम भी शामिल है. फिर भी 7 साल पुरानी ओरिजिनल चॉकलेट-ब्राउन रम आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है.

World Oldest Rum: एक समय 80 लाख बोतलें प्रतिदिन बिकीं

मोहन मीकिन लिमिटेड की शुरुआत स्वतंत्रता के बाद उस समय हुई जब एमएन मोहन ने एक ब्रिटिश डिस्टिलरी खरीदी थी. इसका इतिहास 1885 में हिमाचल के चमोली में शुरू हुआ, जिसे कुख्यात ब्रिटिश अफसर जनरल डायर के पिता ने शुरू किया था. एक दौर में ओल्ड मोंक की प्रतिदिन बिक्री 80 लाख बोतलों तक पहुंच गई थी. हालांकि बाद में परिवार के भीतर कारोबारिक बदलावों और लखनऊ यूनिट की बिक्री से इसकी बिक्री पर असर पड़ा. बिना किसी प्रचार, सिर्फ स्वाद, विरासत और उपभोक्ताओं की वफादारी पर टिकी यह रम आज भी न सिर्फ भारत के हर बार की शान है, बल्कि भारतीय घरों की भी पहचान बनी हुई है. ओल्ड मोंक सिर्फ एक रम नहीं, एक भावना है जो पीढ़ियों से चली आ रही है.

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