[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World शबनम और शोला! कौन है शायनाज बलोच? BLA ने पहली बार कैमरे पर दिखाई महिला कमांडर, पाक आर्मी को दी चुनौती

शबनम और शोला! कौन है शायनाज बलोच? BLA ने पहली बार कैमरे पर दिखाई महिला कमांडर, पाक आर्मी को दी चुनौती

0
शबनम और शोला! कौन है शायनाज बलोच? BLA ने पहली बार कैमरे पर दिखाई महिला कमांडर, पाक आर्मी को दी चुनौती
कमांडर शायनजा बलोच. फोटो- एक्स.

Shaynaz Baloch BLA Commander: बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) की एक महिला कमांडर इन दिनों अचानक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं. संगठन की ओर से जारी एक वीडियो में एक महिला को दिखाया गया, जो लड़कियों को आर्म्स ट्रेनिंग देती दिख रही है. बीएलए ने कैमरे के सामने पहली बार अपनी किसी महिला कमांडर को दिखाया है. इसका नाम शायनाज बलोच बताया गया, जिसका कोड नेम या गुप्त नाम सादो है. 

करीब 11 मिनट लंबे इस वीडियो को BLA के प्रचार मंच ‘हक्काल’ के जरिए जारी किया गया. इसमें शायनाज बलोच को हथियारबंद महिला लड़ाकों के बीच देखा गया. वीडियो में कभी पहाड़ी इलाकों में ट्रेनिंग चलती दिखाई देती है तो कभी हथियारों के साथ चलती गाड़ियां नजर आती हैं. इसी दौरान शायनाज सीधे कैमरे के सामने आकर अपना संदेश देती हैं. वीडियो में शायनाज बलोच ने मीडिया और बलूचिस्तान की जनता को संबोधित किया. 

शायनाज ने कहा कि मेरी प्यारी बहनों और भाइयों, आज संगठन ने यह जिम्मेदारी मेरे कंधों पर रखी है. मैं इसे केवल एक पद नहीं, बल्कि अपना कर्तव्य मानती हूं और हमेशा इसी भावना के साथ देखती हूं. क्योंकि मेरी इज्जत, मेरी पहचान और मेरा आत्मसम्मान एक आजाद बलूचिस्तान से जुड़ा हुआ है. जिस दिन तक हमारी मातृभूमि आजाद नहीं हो जाती, तब तक सम्मान और पहचान जैसे शब्दों का कोई वास्तविक अर्थ नहीं है. गुलामी की जिंदगी में हमारी हैसियत सिर्फ उत्पीड़ित लोगों जैसी रह जाती है। यही वह सच है, जिसे मैंने बहुत गहराई से महसूस और समझा है.

https://twitter.com/bahott_baloch/status/2058919848852287544

शायनाज ने और क्या कहा?

अपने लंबे संदेश में शायनाज बलोच ने कहा कि इतिहास गवाह है कि बलोच समाज में महिलाओं को हमेशा सम्मान और अहम स्थान मिला है. उन्होंने मीर चकार खान रिंद की बहन बनादी बलोच का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि महिलाएं हमेशा सामाजिक और राजनीतिक जीवन में पुरुषों के साथ खड़ी रही हैं. उन्होंने बनादी बलोच का जिक्र करते हुए कहा कि सदियों पहले भी बलोच महिलाएं युद्ध और नेतृत्व में हिस्सा लेती थीं. हालांकि उनके मुताबिक ब्रिटिश दौर की सैंडमैन व्यवस्था और बाद में पाकिस्तानी शासन ने बलोच समाज को राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से बांट दिया.

शायनाज ने कहा कि वह सात साल से ज्यादा समय से BLA से जुड़ी हैं और इस दौरान एक साधारण लड़ाके से नेतृत्व की भूमिका तक पहुंचीं. उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन में उन्हें कभी लैंगिक भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा. उन्होंने बलोच लोगों से चुप न रहने की अपील की और कहा कि अन्याय के सामने खामोशी बलोच सम्मान के खिलाफ है. साथ ही महिलाओं से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि समझ और जागरूकता के साथ आगे आना चाहिए.

https://twitter.com/bahott_baloch/status/2057928163221553419

कौन है कमांडर शायनाज बलोच?

बलूचिस्तान पोस्ट की खबर के मुताबिक,  शायनाज बलोच बलूचिस्तान के केच जिले के टंप इलाके की रहने वाली हैं. शायनाज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई The Oasis स्कूल से की थी. इसके बाद उन्होंने टंप डिग्री कॉलेज से एफएससी की पढ़ाई पूरी की. छात्र जीवन के दौरान वह बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन-आजाद यानी BSO-Azad से जुड़ी रहीं. यह छात्र संगठन लंबे समय से बलोच राष्ट्रवादी राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता रहा है.

कमांडर शायनाज बलोच का सामने आना एक बड़ा बदलाव 

विश्लेषकों का मानना है कि शायनाज बलोच का उग्रवादी संगठन में कमांडर के तौर पर सामने आना केवल एक व्यक्तिगत कहानी नहीं, बल्कि एक बड़ा प्रतीकात्मक बदलाव भी है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वह एक महिला होते हुए ऐसे संगठन में वरिष्ठ भूमिका निभा रही हैं, जहां पहले नेतृत्व लगभग पूरी तरह पुरुषों के हाथ में रहता था. 

शायनाज खुद को खुले तौर पर पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ खड़ा दिखाती हैं. खास बात यह भी है कि वह ऐसे सैन्य ढांचे को चुनौती देती नजर आती हैं, जिसे दक्षिण एशिया की सबसे शक्तिशाली और बड़ी सैन्य संस्थाओं में गिना जाता है. बीएलए में महिला लड़ाकों का पहले भी जिक्र होता रहा है, लेकिन किसी महिला को खुले तौर पर ‘कमांडर’ के रूप में सामने लाना अलग और बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है.

क्षेत्रीय मामलों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि शायनाज की सार्वजनिक मौजूदगी यह दिखाती है कि बलूच उग्रवादी आंदोलन के कुछ हिस्सों में अब महिलाओं को भी नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में लाने का आत्मविश्वास बढ़ रहा है. पहले जहां महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, वहीं अब उन्हें संगठन के सार्वजनिक और रणनीतिक चेहरों के रूप में पेश किया जा रहा है. 

शायनाज को प्रमुख चेहरा बनाकर पेश करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बीएलए समाज के कुछ वर्गों में अपना समर्थन बढ़ाने और अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहा है. वहीं, शायनाज जैसी महिलाओं की सार्वजनिक मौजूदगी को पाकिस्तानी सरकार और सेना के लिए एक बड़ी चुनौती के तौर पर भी देखा जा रहा है. 

https://twitter.com/bahott_baloch/status/2058920619211624551

शारी बलोच के बाद बदली तस्वीर

बलोच आंदोलन में महिलाओं की सक्रिय मौजूदगी को लेकर सबसे बड़ा मोड़ अप्रैल 2022 में आया था. उस समय शारी बलोच ने कराची यूनिवर्सिटी के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के पास आत्मघाती हमला किया था. इस हमले में तीन चीनी शिक्षकों और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हुई थी. शायनाज भी शारी बलोच के इलाके से आते हैं. 

शारी बलोच को BLA की पहली महिला फिदायीन माना गया और उसी घटना के बाद बलोच महिलाओं की उग्रवादी संगठनों में भूमिका को लेकर पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया में बहस शुरू हुई. इसके बाद सुमैया कलंदरान महल बलोच, द्रोशम बलोच, पिछले साल आसिफा मेंगल और हाल ही में ऑपरेशन हेरॉफ के दौरान चर्चा में आई हवा बलोच जैसे कई नाम भी सामने आए. रिपोर्टों के मुताबिक इन महिलाओं ने सीधे लड़ाई में हिस्सा लेने के साथ-साथ फिदायीन हमलों में भी भूमिका निभाई.

ये भी पढ़ें:- ‘ट्रंप की स्थित खराब, इसलिए मोदी-इंडिया को खुश करने रूबियो को भेजा’, पाकिस्तानी एक्सपर्ट बोले- भारत ने सिखाया सबक

ये भी पढ़ें:- BLA का दावा: क्वेटा ट्रेन धमाके में 82 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जारी की फिदायीन की फोटो

बलोच महिलाओं में बढ़ रहा गुस्सा

पिछले कुछ वर्षों में बलोचिस्तान में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है.  डॉ महरंग बलोच जैसी हस्तियां लापता लोगों और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन का बड़ा चेहरा बनकर उभरी हैं. हालांकि कई बलोच समूहों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाली महिलाओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त रवैया अपनाया. 

यही वजह है कि कुछ महिलाओं में हथियार उठाने की सोच मजबूत हुई. इसके साथ ही पाकिस्तान के इस अशांत इलाके- बलूचिस्तान में फोर्स्ड डिस्अपियरेंस (जबरन गायब करने) की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. बलोच संगठनों ने पिछले सालों में हजारों की तादाद में लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन पाकिस्तान सरकार पर ध्यान नहीं देती. इनमें इन्हीं महिलाओं के भाई, पिता और चाचा होते हैं. 

https://twitter.com/bahott_baloch/status/2058929801679786158

तेज हो रहे हैं बीएलए के अटैक 

वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है जब बलूचिस्तान में अलगाववादी हिंसा और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में प्रांत में हमले, सैन्य अभियान और तनाव लगातार बढ़े हैं. बीते रविवार 23 मई को बीएलए ने क्वेटा में एक ट्रेन को निशाना बनाकर फिदायीन हमला किया. बीएलए ने दावा किया कि इसमें 82 पाकिस्तानी सेना के अधिकारी और कई जवान मारे गए, जबकि 131 लोग घायल हुए.  इस हमले में बिलाल शाहवानी उर्फ सईन को फिदायीन के रूप में इस्तेमाल किया गया.  

इससे पहले ऑपरेशन हेरॉफ-2 के दौरान बलोच विद्रोहियों ने पाकिस्तान सेना को एक बड़ी चोट पहुंचाई थी. इसमें 200 से ज्यादा जवान एक ही दिन में मारे गए थे. बीएलए ने वह ऑपरेशन बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में किया था. 

Previous article बेतिया: स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल के तहत डीआईजी ने गोद लिया मझौलिया थाना, हर 14 दिन पर होगा रिव्यू
Next article जमुई में पुणे की कंपनी देगी नौकरी, 29 मई को श्रम भवन में लगेगा मेगा जॉब कैंप
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel