[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World नहीं मान रहे लोग,कर्फ्यू का उल्लंघन कर अमेरिका के कई बड़े शहरों में हिंसक प्रदर्शन

नहीं मान रहे लोग,कर्फ्यू का उल्लंघन कर अमेरिका के कई बड़े शहरों में हिंसक प्रदर्शन

0
नहीं मान रहे लोग,कर्फ्यू का उल्लंघन कर अमेरिका के कई बड़े शहरों में हिंसक प्रदर्शन
Paris: Protester kick in tear gas canisters during a demonstration Tuesday, June 2, 2020 in Paris. Thousands of people defied a police ban and converged on the main Paris courthouse for a demonstration to show solidarity with U.S. protesters and denounce the death of a black man in French police custody. The demonstration was organized to honor Frenchman Adama Traore, who died shortly after his arrest in 2016, and in solidarity with Americans demonstrating against George Floyd's death. AP/PTI Photo(AP03-06-2020_000010A)

न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, शिकागो और वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के कई शहरों में देशवासियों ने मिनियापोलिस में अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए. इनमें से कुछ स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन भी हुए. ह्यूस्टन निवासी फ्लॉयड की मिनियापोलिस में 25 मई को उस समय मौत हो गई थी, जब एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने उसके गले को अपने घुटने से तब तक दबाए रखा, जब तक कि उसकी सांसें नहीं रुक गई. इस घटना के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं.

कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट की गई, सम्पत्ति एवं स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया और वाहनों को आग लगा दी गई. ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका में हालिया दशकों में इतने बड़े पैमाने पर असैन्य अशांति नहीं फैली है. रात में कई प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के कारण न्यूयॉर्क और वाशिंगटन डीसी समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया.

Also Read: 100 वेंटीलेटर्स का पहला खेप अगले हफ्ते अमेरिका से पहुंचेगा भारत

प्रदर्शनकारियों ने इन शहरों में कई स्थानों पर कर्फ्यू का कथित रूप से उल्लंघन किया. वाशिंगटन डीसी में सैन्य वाहनों को व्हाइट हाउस के निकट सड़कों पर देखा गया और लफायेते पार्क में बड़ी संख्या में सशस्त्र कर्मी देखे गए. फ्लॉयड की हिरासत में मौत के विरोध में इस पार्क में हजारों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे. पुलिस की बर्बरता के खिलाफ हजारों लोगों ने न्यूयॉर्क की सड़कों पर मार्च निकाला. मैनहट्टन के एक लोकप्रिय डिपार्टमेंटल स्टोर समेत न्यूयॉर्क में कई स्थानों पर सोमवार रात लूटपाट की घटनाएं हुईं.

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रियू कुओमो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुझे लगता है कि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग और मेयर ने कल रात अपना काम संजीदगी से नहीं किया. सेंट लुइस में चार पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को काबू करने के दौरान घायल हो गए. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लास वेगास में भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ को काबू करने की कोशिश में एक पुलिस अधिकारी को गोली लग गई. वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. अमेरिका के कई स्थानों से सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष की खबरें आई हैं.

मिनियापोलिस के गवर्नर ने मिनियापोलिस पुलिस विभाग की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर जांच का मंगलवार को आदेश दिया. न्यूजर्सी के अटॉर्नी जनरल गुरबीर ग्रेवाल ने घोषणा की कि राज्य पुलिस द्वारा बल प्रयोग संबंधी अपने दिशा-निर्देशों का अद्यतन करेगा और ऐसा पिछले दो दशकों में पहली बार किया जाएगा. उन्होंने सभी अधिकारियों के लिए अनिवार्य लाइसेंस कार्यक्रम की भी घोषणा की.

एक स्थानीय समाचार पत्र ने बताया कि बोस्टन में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए. ‘बोस्टन ग्लोब’ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ‘अश्वेतों का जीवन महत्व रखता है’ और ‘न्याय नहीं, शांति नहीं’ के नारे लगाए. ‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ ने बताया कि शहर में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. सीनेटर कमला हैरिस ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘हमें यह याद रखना चाहिए कि लोग प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं. वे अश्वेत लोगों के जीवन के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, जो मायने रखता है.” ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने बताया कि शांति स्थापित करने के लिए 28 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में 20,400 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.

Posted By: Amitabh Kumar

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel