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Home World वेनेजुएला में फिर आया भूकंप; अब तक 1430 मौतें, 68900 लापता, सड़कों पर लगा है लाशों का ढेर, जनता में भारी गुस्सा

वेनेजुएला में फिर आया भूकंप; अब तक 1430 मौतें, 68900 लापता, सड़कों पर लगा है लाशों का ढेर, जनता में भारी गुस्सा

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वेनेजुएला में फिर आया भूकंप; अब तक 1430 मौतें, 68900 लापता, सड़कों पर लगा है लाशों का ढेर, जनता में भारी गुस्सा
भूकंप के बाद वेनेजुएला का हाल. फोटो- PTI.

Venezuela Earthquake Damage: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों के कुछ दिनों बाद एक बार फिर धरती हिली है. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने वेनेजुएला के तट के पास 5.6 तीव्रता के भूकंप का पता लगाया है. इस नए झटके ने पहले से प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ा दी है. इससे पहले बुधवार को वेनेजुएला में दो बड़े भूकंप आए थे. इनमें पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का और दूसरा 7.5 तीव्रता का था. वहीं शुक्रवार दोपहर को भी 4.9 की तीव्रता का भूकंप आया था. 

शनिवार को ताजा भूकंप अरागुआ के तट से दूर समुद्री क्षेत्र में आया. इसकी गहराई करीब 30 किलोमीटर बताई गई है. हालांकि, राहत की बात रही कि इससे किसी के घायल होने की खबर नहीं है. लगातार आ रहे भूकंप बुधवार को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों के आफ्टरशॉक्स यानी छोटे झटके माने जा रहे हैं. 

भूकंप से मची भारी तबाही

वेनेजुएला में बुधवार को आए भूकंपों से भारी तबाही मची है. सबसे ज्यादा प्रभावित ला गुएरा राज्य में बचावकर्मी और स्थानीय लोग मलबे में दबे लोगों को खोजने में जुटे हैं. इस बीच मृतकों की संख्या बढ़कर 1430 पहुंच गई है. वहीं एसोशिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार तक करीब 68,900 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. हजारों परिवार अब भी अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश कर रहे हैं.

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खुद ही लोगों को ढूंढ रहे लोग

ला गुएरा के सबसे प्रभावित इलाकों में लोग फावड़े, भारी मशीनों, रस्सियों और अपने हाथों से गिरे हुए कंक्रीट के ढेरों को हटाकर अपनों को खोज रहे हैं. इन लोगों के साथ अब कई अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमें भी जुड़ गई हैं, जो मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं. इन अभियानों ने पीड़ित परिवारों को थोड़ी उम्मीद दी है.

अधिकारियों का कहना है कि भूकंप के बाद शुरुआती 72 घंटे जीवित लोगों को बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं. समय बीतने के साथ मलबे में दबे लोगों के मिलने की संभावना कम होती जाती है. कई लोग अभी भी ढही हुई इमारतों के मलबे में दबे होने की आशंका है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. वेनेजुएला के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तक 17 उड़ानों के जरिए 1,600 से ज्यादा बचावकर्मी देश में पहुंच चुके हैं.

राहत कार्यों को लेकर लोगों में नाराजगी

भूकंप प्रभावित इलाकों में कुछ लोगों ने सरकार के राहत और पुनर्वास अभियान में अव्यवस्था की शिकायत की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने से स्थिति और मुश्किल हो गई है.

बचाव अभियान के दौरान कई इलाकों में लोगों का गुस्सा भी सामने आया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की प्रतिक्रिया आपदा की गंभीरता के मुकाबले कमजोर रही. लोगों ने आरोप लगाया कि सैनिक, दमकलकर्मी, पुलिस और सैन्य कैडेट इतनी बड़ी त्रासदी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे. वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी मजबूत प्रतिक्रिया दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग नजर आ रही है.

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लोगों ने सुनाई दर्दनाक आपबीती

कैरेबियाई तटीय शहर काराबायेडा में बचाव कार्य में जुटी माइलेडी रोमेरो ने एपी को हालात बताते हुए कहा, ‘वहां शवों का ढेर है. नवजात बच्चों के शव भी हैं.’ उन्होंने कहा, ‘कल रात 8 बजे वहां कुछ लोग जिंदा थे और उन्होंने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की. हमने कई शवों का पता लगाया है, लेकिन उन्हें निकालने में हमारी मदद नहीं की गई. वे किसका इंतजार कर रहे हैं?’

ला गुएरा में सुरक्षा बढ़ाई गई

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सरकारी टेलीविजन पर बताया कि प्रभावित इलाकों में 14,000 से ज्यादा सैन्य और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में आवाजाही नियंत्रित कर दी गई है और प्रवेश के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होगी.

हालांकि, कई प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें जमीन पर सरकारी मदद बहुत कम दिखाई दे रही है. बचाव दल अब भी मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीदें कम होती जा रही हैं.

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UNDP रिपोर्ट: 6.7 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के अनुसार, 24 जून को आए भूकंपों ने वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर मानवीय नुकसान पहुंचाया है. रिपोर्ट में कहा गया कि भूकंप से लोगों की आजीविका, बुनियादी ढांचे और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा है.

UNDP के सैटेलाइट आधारित रैपिड डिजिटल असेसमेंट (RAPIDA) के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, भूकंप से करीब 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर का सीधा भौतिक नुकसान हुआ है, जो देश की GDP का लगभग 6 प्रतिशत है. रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक नुकसान बड़ा है, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान उन लोगों और समुदायों का है, जिन्होंने इस आपदा में अपने परिवार, घर और जीवनयापन के साधन खो दिए हैं.

वेनेजुएला की सहायता के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर से मदद भेजी जा रही है. भारत ने भी अपने दो C-17 विमान भेजे हैं, जिसमें करीब 35 टन राहत सामग्री है. इसके साथ 41 सदस्यीय  60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की एक मेडिकल टीम को भी भेजा गया है. भारत ने दवाइयां और चिकित्सा उपकरण में दो BHISHM क्यूब्स (पोर्टेबल हॉस्पिटल) भी भेजे हैं.

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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