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Home World ईरान युद्ध में फंस चुका है US… ‘लादेन के शिकारी’ पूर्व CIA चीफ ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, दी ये सलाह

ईरान युद्ध में फंस चुका है US… ‘लादेन के शिकारी’ पूर्व CIA चीफ ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, दी ये सलाह

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ईरान युद्ध में फंस चुका है US… ‘लादेन के शिकारी’ पूर्व CIA चीफ ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार, दी ये सलाह
लियोन पेनेटा और डोनाल्ड ट्रंप. फोटो- एक्स.

US Iran War: ईरान युद्ध को शुरू हुए चार हफ्ते से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन इसके समाप्त होने के अभी कोई आसार नजर नहीं आ रहे. अमेरिका और इजरायल हमले के साथ ईरान को धमकी भी दे रहे हैं, लेकिन ईरान उसी तरह के जवाब दे रहा है, जैसा उसको दिया जा रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने घर में भी विरोध और चेतावनी मिल रही है. पहले नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर जोसेफ केंट ने इस युद्ध में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों और युद्ध नीति के विरोध में इस्तीफा दिया. अब अमेरिका के रक्षा मंत्री रहे और खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व चीफ लियोन पेनेटा ने ट्रंप की आलोचना की है. पेनेटा ओसामा बिन लादेन को मारने की योजना बनाने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं.

उन्होंने द गार्जियन को दिए इंटरव्यू में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ऐसे जाल में फंस गए हैं, जहां से उन्हें इस युद्ध को बढ़ाना होगा या पीछे हटना होगा. दोनों ही स्थिति में ट्रंप फंसेगे ही, क्योंकि यु्द्ध आगे बढ़ने पर अमेरिकी सैनिकों की जान जाएगी, जो कि पहले ही हो रहा है, जबकि पीछे हटने पर यह ट्रंप की हार जैसा होगा. अमेरिका के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक पेनेटा ने ट्रंप को साफ संदेश दिया कि आप खुद इस स्थिति में आए हैं, और इससे निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अब हमारे सामने एक और ज्यादा जड़ जमा चुका शासन है… और यह नतीजा बिल्कुल अच्छा नहीं रहा.

होर्मुज की समस्या

मिडिल ईस्ट के इस युद्ध का सबसे गंभीर परिणाम ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद करना रहा है. यह एक संकरा जलमार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता है. इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट पैदा हो गया है. पेनेटा ने कहा कि यह संकट पूरी तरह से अनुमानित था और इससे बचा भी जा सकता था. उन्होंने कहा, ‘यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है. मैं जितनी भी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठकों में रहा हूं, जहां हमने ईरान पर चर्चा की, वहां यह मुद्दा हमेशा सामने आया.’ 

सहयोगियों को कर दिया दूर

उनके मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का इसके लिए तैयारी न करना बुनियादी रणनीतिक योजना की विफलता है. अमेरिका को पहले से ही योजना बनानी चाहिए थी. अब वे ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए सहयोगी देशों से अपील कर रहे हैं. लेकिन उनकी अपील और धमकी के बावजूद नाटो का भी कोई देश सामने नहीं आ रहा है. ट्रंप ने इसके बाद नाटो को कागजी बाघ और उसके सदस्यों को कायर तक कह दिया, जबकि उन्हें इन्हीं की जरूरत है. पेनेटा ने कहा कि सहयोगियों से बिना सलाह किए युद्ध में उतरना खुद के लिए नुकसानदायक साबित हुआ, क्योंकि अब ट्रंप उन्हीं देशों से मदद मांग रहे हैं, जिन्हें उन्होंने पहले दूर कर दिया था.

अब और भी कट्टर लीडर ईरान का सर्वोच्च नेता

अमेरिका ने इस युद्ध की शुरुआत में ही ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई सैन्य लीडरशिप को समाप्त कर दिया. अमेरिका ने संभवतः उम्मीद जताई थी कि नेता के न होने से ईरान ढह जाएगा. लेकिन इसके नतीजे भी उम्मीद के उलट रहे हैं. खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभाली है, जो ज्यादा युवा, सख्त और बातचीत के लिए कम तैयार माने जाते हैं. पेनेटा ने कहा, ‘अब हमारे सामने एक युवा सुप्रीम लीडर है, जो लंबे समय तक रहेगा. वह पहले से कहीं ज्यादा कट्टरपंथी है.’

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ट्रंप आगे क्या कर सकते हैं?

पेनेटा की सलाह बेहद सख्त है. उनका कहना है कि ट्रंप को जलडमरूमध्य खोलने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करना होगा, ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय करना होगा और तेल टैंकरों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत तैनात करने होंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे जानें जाएंगी और युद्ध और बढ़ेगा, लेकिन उनके मुताबिक इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है. पेनेटा ने कहा,  ‘उन्हें यह करना ही होगा. वरना यह साफ हो जाएगा कि वह समाधान खोजने में विफल रहे.’

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ट्रंप ने दी चेतावनी, ईरान का पलटवार

इस बीच, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को ‘नेस्तनाबूद’ कर देंगे. युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है, लेकिन इसका कोई समाधान या स्पष्ट रास्ता नजर नहीं आ रहा. हालांकि, ट्रंप की इस धमकी का ईरान ने भी उसी भाषा में जवाब दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबके लिए खुला है, लेकिन दुश्मनों-अमेरिका और इजरायल के लिए बंद है. हालांकि, कुछ खबरें यह भी सामने आईं कि ईरान इस संकरे रास्ते से यातायात के लिए  जहाजों से पैसे भी वसूल रहा है. 

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अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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