[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home World भारतीयों की मौत पर जयशंकर ने उठाए सवाल, तो अमेरिका ने भारत को ही दिया ज्ञान; कहा- नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

भारतीयों की मौत पर जयशंकर ने उठाए सवाल, तो अमेरिका ने भारत को ही दिया ज्ञान; कहा- नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

0
भारतीयों की मौत पर जयशंकर ने उठाए सवाल, तो अमेरिका ने भारत को ही दिया ज्ञान; कहा- नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
एस जयशंकर और मार्को रूबियो.

Hormuz Blockade: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई. इस पर भारत ने विरोध दर्ज कराना चाहा, तो अमेरिका ने उल्टा भारत को ही नियम और कानून का ज्ञान देने की कोशिश की. भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस मुद्दे पर अहम बात हुई. जिसके बाद अमेरिका ने कहा कि सभी कमर्शियल जहाजों का यूएस का आदेश मानना चाहिए. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ईरान के तेल की अवैध ढुलाई भी नहीं हो सकती.  

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए हालात पर विस्तार से चर्चा की. पिगॉट के अनुसार, मार्को रुबियो ने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से अमेरिकी बल कार्रवाई कर रहे हैं और सभी वाणिज्यिक जहाजों को उनके निर्देशों का तत्काल पालन करना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा, ‘स्ट्रेट में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अमेरिकी बल काम कर रहे हैं. सभी व्यावसायिक जहाजों को तुरंत अमेरिकी निर्देशों का पालन करना चाहिए. अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया

इस बातचीत से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूरोप दौरे पर रहते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की. उन्होंने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया.

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई. मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी तरह उचित नहीं ठहराई जा सकती.’

ओमान के पास हमले में तीन भारतीयों की मौत

ओमान के निकट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज अमेरिकी हमले की चपेट में आ गए थे. पहला हमला पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मैरीवेक्स’ पर किया गया. फिर 10 जून को पलाऊ के ही ध्वज वाले टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर हमला हुआ. इनमें से एक जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य सवार थे. हमले के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. इसके बाद  गिनी-बिसाऊ के फ्लैग वाले टैंकर ‘जलवीर’ पर गुरुवार को अटैक किया गया.  

इस घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराया. नई दिल्ली में तैनात अमेरिका के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को भी तलब किया गया और भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत की नाराजगी जाहिर की गई. हालांकि, अमेरिका ने अपने पक्ष में कहा कि जिस जहाज को निशाना बनाया गया, उसने अमेरिकी बलों की ओर से जारी निर्देशों का पालन नहीं किया था.

ये भी पढ़ें:- ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तारीखें तय, मौत के 4 महीने बाद मशहद में होंगे दफन

ये भी पढ़ें:- खामेनेई की मौत से डरे पुतिन! इजरायल की कारिस्तानी ने रूस को जगाया, इंटरनेट से कटा क्रेमलिन का नेटवर्क

युद्ध की कीमत चुका रहे भारतीय

28 फरवरी से पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत हुई, जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने साझा हमला किया. इसके बाद ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी ने क्षेत्र में काम कर रहे हजारों विदेशी नागरिकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दीं. अब तक इस संघर्ष में कम से कम 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय के अब भी लापता होने की सूचना है. शनिवार को भारतीय नागरिक निशांत उइर्थनाथन का ओमान के दुक्म बंदरगाह पर स्थित एमटी सेलेस्टियल जहाज पर चिकित्सा संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया.

Previous article बिहार के इन 12 जिलों में 60 किमी की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट
Next article मधेपुरा सदर अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, जानिए आज किन डॉक्टरों की है ड्यूटी
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel