UN डिप्लोमैट का खुलासा: ‘ईरान पर न्यूक्लियर हमले की तैयारी, राज खोलने को छोड़ी नौकरी’

UN Eenvoy Resigns: संयुक्त राष्ट्र (UN) के डिप्लोमैट मोहम्मद सफा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सफा ने आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय संस्था ईरान पर न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी कर रही है. देशभक्ति विजन एसोसिएशन (PVA) के प्रतिनिधि सफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वे उस समय पद पर नहीं रह सकते जब UN न्यूक्लियर हमले जैसी योजना का हिस्सा बन रहा हो. उन्होंने कहा कि इस जानकारी को लीक करने के लिए ही उन्होंने अपना करियर दांव पर लगाया है.

By Govind Jee | March 31, 2026 10:58 AM

UN Envoy Resigns: मोहम्मद सफा ने ईरान की राजधानी तेहरान की एक फोटो शेयर की है. उन्होंने युद्ध चाहने वाले लोगों को टोकते हुए लिखा कि तेहरान कोई खाली रेगिस्तान नहीं है. यहां करीब 1 करोड़ लोग रहते हैं, जिनमें परिवार, बच्चे और पालतू जानवर शामिल हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वाशिंगटन, बर्लिन, पेरिस या लंदन पर न्यूक्लियर बम गिराने की कल्पना की जा सकती है? सफा के मुताबिक, UN के कुछ बड़े अधिकारी किसी ताकतवर लॉबी के लिए काम कर रहे हैं.

WHO ने भी ‘वर्स्ट केस’ की तैयारी शुरू की

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अधिकारियों ने भी माना है कि वे न्यूक्लियर आपदा जैसे ‘सबसे खराब हालात’ (Worst Case Scenario) के लिए तैयारी कर रहे हैं. अगर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध और ज्यादा बढ़ता है, तो इसके नतीजे भयानक हो सकते हैं. सफा ने साफ कहा कि वे मानवता के खिलाफ होने वाले इस अपराध का गवाह नहीं बनना चाहते थे, इसलिए अपनी ड्यूटी सस्पेंड कर दी.

डोनाल्ड ट्रंप का धमाके वाला वीडियो

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक धमाके का वीडियो शेयर किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के इस्फहान शहर पर की गई भीषण एयरस्ट्राइक को दिखाया गया है. हालांकि, ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई जानकारी या कैप्शन नहीं लिखा है.

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव सबसे ऊंचे स्तर पर है. अमेरिका ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अपने अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की बात कन्फर्म कर दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, सैनिकों की यह नई तैनाती इसलिए की गई है ताकि राष्ट्रपति ट्रंप के पास युद्ध के हालात में फैसले लेने के लिए ज्यादा विकल्प मौजूद रहें.

ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन का प्लान

द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन्स की योजना बना रहा है. प्रेस सेक्रेटरी लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ने जमीनी हमले की संभावना से इनकार नहीं किया है. वहीं, ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई बड़े ठिकानों को तबाह कर दिया है. उन्होंने एयरफोर्स वन पर मीडिया से कहा कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म हो चुकी है और उनके ज्यादातर मिसाइल भी नष्ट हो गए हैं.

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ईरान की पलटवार की धमकी

ईरान की संसद के स्पीकर एम.बी. कालीबाफ ने अमेरिका पर चोरी-छिपे जमीनी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान इस हमले के लिए पूरी तरह तैयार है. गालीबाफ ने उन खाड़ी देशों को भी सख्त लहजे में आगाह किया है जो अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को हमले के लिए करने दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे हमलावरों को आग के हवाले कर देंगे और उनके क्षेत्रीय पार्टनर्स को सजा देंगे.

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